प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कायम है। तीनों पुलिस रेंज में गुड़िया हेल्पलाइन व विशेष सेल सृजित किए जाएंगे। महिलाओं के प्रति अपराध का यदि कोई मामला है तो उसकी रिर्पोट 48 घंटे के भीतर मुख्यमंत्री कार्यालय में भेजनी होगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार तत्तापानी में धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के प्रति वचनबद्ध है। इसकी खोई हुई भव्यता को फिर से बहाल किया जाएगा।
गर्म पानी के चश्मों व नहाने के स्थलों की फिर से बहाली का मामला शीघ्र ही राष्ट्रीय थरमल पॉवर निगम तथा सतलुज जल विद्युत निगम के साथ उठाया जाएगा तथा शीघ्र ही इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी ताकि कार्य शीघ्र आरंभ किया जा सके।
उन्होंने कहा कि राज्य के बुजुर्गों को फायदा पहुंचाने के लिए बिना आय की सीमा से प्रदान की जाने वाली वृद्धावस्था पेंशन की आयु सीमा को 80 वर्ष से घटा कर 70 वर्ष करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि हां मैं करोड़पति का नहीं एक मिस्त्री का बेटा हूं। मुझे इस पर गर्व है। मेरी कोई राजनीतिक पृष्ठ भूमि नहीं रही। ना ही मेरे परिवार से किसी ने राजनीति की है।
खून-पसीने की मेहनत के बाद आज इस मुकाम तक पहुंचा हूं। यह मेरे लिए हमेशा गर्व की बात रहेगी। मंडी समेत प्रदेश की जनता का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र की आलाकमान का भी शुक्रगुजार हूं जिन्होंने मुझे यह मौका दिया।
सीएम ने तत्कालीन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले पांच सालों में केंद्र सरकार से जारी हजारों करोड़ रुपया कहां गया। कांग्रेस राज में राज्य को 46 हजार 500 करोड़ रुपये के ऋण के नीचे धकेल दिया गया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र से वित्तीय सहायता के बावजूद प्रदेश में विकास शून्य रहा। चुनाव नजदीक आते ही पूर्व मुख्यमंत्री तथा अन्य मंत्रियों द्वारा 40 से 50 उद्घाटन व शिलान्यास प्रतिदिन अपने कार्यालय से ही किए गए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश के लोगों को मूर्ख बनाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि शिलान्यास व उद्घाटन पट्टिकाएं बाद में स्थापित करने के लिए गाड़ियां से भेजी गईं। विकास का श्रेय लेने की यह एक नई संस्कृति शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि शिलान्यास व उद्घाटन करने का यह कोई सही तरीका नहीं है।
सीएम ने आवारा पशुओं के संबंध में लिए गए निर्णय के बारे में भी जानकारी दी तथा कहा कि इस बारे नीति बनाने के लिए एक उप समिति का गठन किया गया है। यह समिति तीन माह में रिपोर्ट देगी। उन्होंने पंचायतों से इसके लिए सहयोग देने का आग्रह किया।
प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में लगे सेवानिवृतों को भी बाहर करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि कई बार पुनर्नियुक्तों की सेवा को जारी रखना महत्वपूर्ण हो जाता है।
लेकिन कांग्रेस का हजारों को पुन: रोजगार देने का निर्णय बेतुका था, जबकि प्रदेश में बेरोजगारों की संख्या में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का बेरोजगारी भत्ता देने का निर्णय भी गलत था।
ग्रहों की शांति के लिए पूरे माघ महीने में तुलादान व स्नान की परंपरा को निभाते हुए तत्तापानी में मकर सक्रांति के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री ठाकुर जयराम समेत हजारों श्रद्धालुओं ने गर्म पानी के चश्मों में आस्था की डुबकी लगाई।
स्नान के बाद तुलादान और मंदिरों में दर्शन के साथ श्रद्धालुओं ने सुख, समृद्धि और बेहतर स्वास्थ्य की कामना की। तत्तापानी में सतलुज नदी के किनारे हर साल मकर संक्रांति के दिन दूर-दूर से लोग पवित्र स्नान के लिए आते हैं।
बांध बनने के कारण यहां सल्फर के पानी के चश्मे जलमग्न हो गए हैं। राज्य सरकार ने लोगों की आस्था को ध्यान में रखते हुए तत्तापानी में ड्रिलिंग द्वारा गर्म पानी को निकाला है ताकि लोग विभिन्न अवसरों पर यहां पर पवित्र स्नान कर सकें।
वहीं इस गर्म पानी के चश्मों से चर्म रोगों से राहत मिलती है। इसके चलते इस स्थान का बहुत अधिक महत्व है। लिहाजा मकर सक्रांति के अवसर पर यहां पवित्र स्नान के लिए सूर्य निकलने से पहले ही श्रद्धालु भारी संख्या में स्नान के लिए पहुंच गए थे।
श्रद्धालुओं ने इस दौरान जप तप स्नान किया और पुण्य कमाया। वहीं श्रद्धालुओं ने नवग्रह पूजन और तुलादान भी करवाया। वहीं मेला स्थल पर भारी संख्या में लोग पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तत्तापानी में मकर संक्रांति उत्सव हमेशा धूमधाम के साथ मनाया जाता रहा है। पुरानी यादों को ताजा करते हुए उन्होंने कहा कि वे यहां सतलुज नदी के किनारे पवित्र स्नान करते थे।
उन्होंने कहा कि तत्तापानी तथा साथ लगते क्षेत्रों के लिए यह त्योहार बहुत ही महत्वपूर्ण है। प्रदेश में धार्मिक तथा साहसिक पर्यटन की अपार संभावना है।