कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह
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कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने सरकार के प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार पर तंज कसा कि गुटों में बंटी भाजपा के आगे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बेबस नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री पिछले कई दिन से इस पर कोई स्वतंत्र निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। यह कमजोर नेतृत्व को दर्शाता है। सरकार पर अफसरशाही का दबाव ज्यादा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को शासन और प्रशासन चलाने की कुछ सीख पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से ही ले लेनी चाहिए।
विक्रमादित्य ने रविवार को जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री को सार्वजनिक मंचों पर कहना पड़ रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार जल्द होगा। कब होगा, इस पर निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। भाजपा नेता जो मंत्री पद के सपने संजोए हैं, अपने-अपने क्षेत्रों में समर्थकों के साथ मिलकर तानाबाना बुन रहे हैं।
हालांकि, यह भाजपा का अंदरूनी मामला है, पर मंत्री के अभाव में प्रदेश का विकास प्रभावित नहीं होना चाहिए। मंत्रिमंडल के निर्णय भी प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो रहें है। महंगाई पर सरकार का नियंत्रण नहीं है। महंगाई और बेरोजगारी दूर करने के सभी उपाय करना जरूरी है।
कहा कि वीरभद्र सिंह ने अपने शासनकाल में जिस प्रकार बिना भेदभाव प्रदेश का विकास किया, यही वजह है कि आज भी लोग उनके व्यक्तित्व और उनके कौशल के मुरीद है। मुख्यमंत्री को सलाह दी कि प्रदेश हित और जनहित को सर्वोपरि मानते हुए उन्हें ऐसे किसी भी निर्णय से गुरेज नहीं करना चाहिए, जिससे लोगों का कल्याण जुड़ा हो।