मुख्यमंत्री भले ही महीने में एक बार चंद शिकायतकर्ताओं से बात करेंगे लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय महीने भर ई-समाधान में आने वाली शिकायतों को रैंडम आधार पर चयनित कर दर्ज कराने वालों से बातचीत कर फीडबैक लेगा।
इसी फीडबैक की एक रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार किशोर शर्मा ने बताया कि अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर एक प्रयास किया जा रहा है। प्रयोग सफल रहा तो स्थायी तौर पर सरकार के किसी भी महकमे में आने वाली शिकायत के निस्तारण का फीडबैक लेने के लिए ढांचा तैयार किया जाएगा।
दरअसल, ई-समाधान पोर्टल पर हर महीने हजारों की संख्या में शिकायतें आती हैं। इन शिकायतों को जन शिकायत निवारण प्रकोष्ठ संबंधित विभाग को भेज देता है। अभी तक शिकायत के निस्तारण पर फीडबैक नहीं लिया जाता था, जिसकी वजह से निस्तारण पर सवाल उठते थे।
वर्तमान सरकार में भी अब तक आई दस हजार से ज्यादा शिकायतों में से 7699 का निस्तारण होने का दावा किया गया है। अब सरकार की कोशिश है कि जिस शिकायत का निस्तारण हो, उसके शिकायतकर्ता को हर हाल में संतुष्ट किया जाए ताकि सरकार के प्रति उसका विश्वास बढ़ सके।