नए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की कैबिनेट में कोई भी कुर्सी खाली नहीं रखी गई है। इससे विधायकों में झंडी पाने को झगड़ा ही नहीं रहेगा, जबकि पिछली वीरभद्र सरकार में तो मंत्री पद के कई तलबगार रस्साकशी करते रहे। वीरभद्र सरकार के मंत्रिमंडल में शुरुआत में ही दो पद खाली रखे गए थे।
नई भाजपा सरकार ने राज्य मंत्रिमंडल में सभी 11 मंत्री मुख्यमंत्री की शपथ के साथ-साथ ही तय कर दिए और उनसे भी पद तथा गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। कानून के अनुसार हिमाचल मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री के अलावा अधिकतम 11 मंत्री ही बनाए जा सकते हैं।
वीरभद्र और उनके नौ मंत्रियों ने 25 दिसंबर 2012 को शपथ ली थी। तब विद्या स्टोक्स, कौल सिंह ठाकुर, जीएस बाली, सुजान सिंह पठानिया, ठाकुर सिंह भरमौरी, मुकेश अग्निहोत्री, सुधीर शर्मा, प्रकाश चौधरी और धनीराम शांडिल मंत्री बनाए गए।
दो सीटें काफी वक्त तक खाली रहीं। फिर अनिल शर्मा, कर्ण सिंह, कुलदीप कुमार, मनसा राम, राजेश धर्माणी जैसे कांग्रेस विधायक मंत्री बनने को दिल्ली की सड़कों तक को नापते रहे। थोड़े समय बाद पूर्व केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पंडित सुखराम के बेटे अनिल शर्मा को दसवां मंत्री बनाया गया।