फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब सुरक्षित शहर बनेगा मंडी, विदेशों की तर्ज पर आधुनिक कैमरों से होगी निगरानी

Tue, 19 Jan 2021 08:28 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, मंडी
विज्ञापन
शिमला में सीएम जयराम ठाकुर ने भारत संचार निगम लिमिटेड के अधिकारियों के साथ बैठक की। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

स्काटलैंड, दुबई और यूएस पुलिस की तर्ज पर मंडी पुलिस भी स्मार्ट बनेगी। चोरी, दुष्कर्म, डकैती और अन्य आपराधिक मामलों में संलिप्त शातिरों के फेस स्कैन कर डाटा बैंक बनेगा। सिटी में इर्द गिर्द, संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में फेस डिटेक्शन कैमरे से इन शातिरों पर नजर रखी जाएगी। कोई भी अपराध होने पर इन कैमरों के माध्यम से हिस्ट्रीशीटर एवं अन्य अपराधियों की लोकेशन अगर आबादी के आसपास है, तो आसानी से ट्रेस होगी।

विज्ञापन


यही नहीं, सुरक्षा व्यवस्था में जीपीएस और ड्रोन जैसे उपकरणों का भी इस्तेमाल होगा। बड़ी रैलियों और समागम में ड्रोन के माध्यम से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया जाएगा। सूबे में अपराध का ग्राफ बढ़ने का अहम कारक प्रवासियों के नाम दर्ज होने के साथ-साथ फिंगर प्रिंट भी लिए जाएंगे ताकि अपराध के दौरान पाए जाने वाले साक्ष्यों से मिलान किया जा सके। यह संभव होगा सेफ सिटी प्रोजेक्ट से, जिस संदर्भ में शिमला में सीएम जयराम ठाकुर ने भारत संचार निगम लिमिटेड के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान प्रोजेक्ट को लेकर प्रस्तुति भी दी गई।

ये होंगे फायदे
योजना से महिलाओं की सुरक्षा पुख्ता होगी, क्योंकि कैमरे हर वाहन, व्यक्ति पर पूरी नजर रखेंगे। फेस डिटेक्शन कैमरे लगने से आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के चेहरों को स्कैन करेंगे, जिससे उनकी हर गतिविधि पर नजर रहेगी। 
विज्ञापन


2013 में सूरत में लागू हुई थी सुरक्षा सेतु योजना
2013 में गुजरात के सूरत में भी इस तरह की योजना लागू हुई थी। हालांकि इसमें हिमाचल पुलिस की सेफ सिटी की तरह आधुनिकता और एडवांस तकनीक नहीं थी। यह कवायद सफल नहीं हो सकी। हिमाचल पुलिस का दावा है कि यह कवायद सफल रहेगी।

शहर में लगेंगे 150 से 200 आधुनिक कैमरे
प्लान के अनुसार पूरे शहर में 150 से 200 आधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे। इनके लिए एक कंट्रोल रूप स्थापित होगा, जिसे हॉक नाम दिया गया है। हॉक में बैठे पुलिस अधिकारी पूरे शहर के हर हालात पर नजर रखेंगे। ट्रायल पर ये कैमरे पुलघराट, सौली खड्ड, भ्यूली, खलियार और तल्याहड़ तक स्थापित किए जाएंगे।

‘सुरक्षा दूत’ 
पुलिस शहर की जनता के साथ ही व्यापार मंडल, सामाजिक संस्थाओं, युवक मंडलों, स्कूल, कॉलेज, विभिन्न यूनियनों को पार्टनर बनाएगी। सुरक्षा दूत नाम से एप भी शुरू की जाएगी। इसमें यदि आप रात को घर से बाहर बस पकड़ने या किसी काम से जा रहे हैं तो आपको एप में सूचना देनी होगी, बाकी काम जीपीएस करेगा। आपकी लोकेशन ट्रेस होगी और गंतव्य तक पहुंचने की सारी गतिविधियों पर नजर रहेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें