सीएम जयराम ठाकुर ने बजट में 27 नई योजनाओं को शुरू करने का एलान किया है। ये योजनाएं शिक्षा, भवन निर्माण, उद्योग, रोजगार, स्वास्थ्य, बागवानी, विज्ञान, सड़क सहित अन्य क्षेत्रों के लिए शुरू की जाएंगी।नई योजनाएं इस प्रकार हैं।
लोक भवन : मुख्यमंत्री लोक भवन योजना में हर हलके में 30 लाख की लागत से बनेंगे भवन।
ई स्टैंपिंग : ऑनलाइन स्टांप मिलेगा और सत्यापन होगा।
स्वास्थ्य सहभागिता योजना : ग्रामीण क्षेत्रों में निजी अस्पतालों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री निरोग योजना : सामान्य स्वास्थ्य जांच की जाएगी।
जल से कृषि को बल : सिंचाई के लिए चैक डैम और तालाब बनाए जाएंगे।
सरकार लोगों के द्वार : दूरदराज के क्षेत्रों में जनमंच आयोजित किए जाएंगे
बागवानी, पर्यटन और विद्यार्थियों के लिए ये योजनाएं
बागवानी सुरक्षा योजना : एंटी हेलगन लगाने के लिए 60 प्रतिशत उपदान के लिए 10 करोड़ का बजट प्रावधान
हिमाचल पुष्प क्रांति : 10 करोड़ से शुरू की जाएगी योजना
मुख्यमंत्री मधु विकास योजना : मधुमक्खी पालन के लिए 80 फीसदी उपदान के लिए 10 करोड़ का बजट
वन समृद्धि, जन समृद्धि : आजीविका के द्वार खोलेगी
सामुदायिक वन संवर्धन योजना : वन क्षेत्र बढ़ेगा
विद्यार्थी वन मित्र योजना : वन संरक्षण किया जाएगा
युवा विज्ञान पुरस्कार योजना : विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाई जाएगी
श्रेष्ठ शहर योजना : शहर में सफाई और पर्यावरण को लेकर नगर निगम को 1 करोड़ और नगर परिषद को 75 लाख रुपये का इनाम मिलेगा
नई राहें, नई मंजिलें : पर्यटन के अनछूए क्षेत्रों के विकास के लिए 50 करोड़ का प्रावधान
बेरोजगार युवाओं के लिए ये योजनाएं
मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना : युवाओं को उद्योगों में स्वरोजगार के लिए 80 करोड़ का प्रावधान
मुख्यमंत्री युवा आजीविका योजना : 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के हिमाचली युवाओं को निवेश और सेवा के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान
हिमाचल रोड इंप्रूवमेंट स्कीम : सड़क किनारे ड्रेनेज को 50 करोड़ का बजट
मुख्यमंत्री आदर्श विद्या केंद्र : स्कूल खोलने के लिए 25 करोड़ के बजट का प्रावधान
अखंड शिक्षा ज्योति, मेरे स्कूल से निकले मोती : सरकारी स्कूल से निकलने के बाद बड़े ओहदों पर पहुंचे विद्यार्थियों को नवाजा जाएगा
मेधा प्रोत्साहन योजना : विद्यार्थियों को प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी
आज पुरानी राहों से : सांस्कृतिक, पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा
देव भूमि दर्शन : वरिष्ठ नागरिकों को राज्य के विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा कराई जाएगी
यहां देखिए प्रमुख महकमे/क्षेत्र को कितना बजट
किस प्रमुख महकमे/क्षेत्र को कितना बजट (करोड़ रुपये में)
शिक्षा 7044
लोक निर्माण 4082
स्वास्थ्य 2302
सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य 2572
परिवहन एवं पर्यटन 2167
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज 1894
जनजातीय विकास 1620
अनुसूचित जाति विकास 1583
सामाजिक कल्याण 1500
गृह (पुलिस, गृहरक्षा, जेल) 1430
ऊर्जा 1219
कृषि-बागवानी 1160
वन 651
शहरी विकास 487
आयुर्वेद 263
उद्योग एवं खनिज 250
गोवंश संरक्षण पर सरकार की ठोस पहल
सरकार ने बजट में गोवंश के संरक्षण पर फोकस किया है। सरकार प्रदेश में गोसेवा आयोग का गठन करने जा रही है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की गोवंश संरक्षण मुहिम को मुख्यमंत्री ने धरातल पर उतारने की कोशिश की है।
इसको लेकर आयोग नीति निर्धारण से लेकर विकास कार्यक्रम तैयार करेगा। सरकार ने गोवंश संरक्षण को कृषि से जोड़कर इससे किसानों की आर्थिकी सुधारने का काम किया है। शराब की बोतल पर एक रुपये गोवंश सेस देश में अपनी तरह का अनूठा प्रयोग है।
मंदिरों के चढ़ावे से 15 प्रतिशत गोवंश पर खर्च कर धार्मिक आस्थाओं से जोड़ा गया है। गोमूत्र आधारित उद्योग पर 50 प्रतिशत निवेश अनुदान से लेकर गोसदन के लिए एक रुपये पर भूमि पट्टे तक देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बजट भाषण में गोवंश संरक्षण तथा संवर्धन को लेकर सरकार कृतसंकल्प दिखी। बेसहारा पशुओं के लिए मंत्रिमंडल उपसमिति का गठन कर चुकी सरकार ने बजट में गोवंश पर कई घोषणाएं कीं।
15 प्रतिशत गोवंश संरक्षण पर खर्च होगा।
प्रदेश के धार्मिक संस्थान तथा मंदिर न्यास अधिनियम में सरकार संशोधन करने जा रही है। इससे चढ़ावे का कम से कम 15 प्रतिशत गोवंश संरक्षण पर खर्च होगा। इससे 17 करोड़ प्रतिवर्ष विकास पर खर्च होंगे।
शराब की हर बोतल पर एक रुपये सेस से सरकार को 8 करोड़ सालाना मिलेंगे। पशुओं का पंजीकरण और टैगिंग को सख्ती से लागू किया जाएगा। बेसहारा पशुओं के मालिकों की पहचान की जाएगी।
गांव की सार्वजनिक चरागाहों की पहचान की जाएगी। सरकार महिला मंडलों को बेसहारा पशुओं की देखभाल के लिए प्रोत्साहित करेगी। ऐसी पंचायतें जहां पशुओं को शत-प्रतिशत टैग किया जाएगा, उन्हें सरकार 10 लाख रुपये पुरस्कार देगी।
गोसेवा और गोसदन पर जोर
- गौसेवा आयोग के गठन की गोमूत्र आधारित उद्योगों के लिए 50 प्रतिशत निवेश अनुदान की घोषणा।
- हिमाचल प्रदेश धार्मिक संस्थान तथा मंदिर न्यास अधिनियम में संशोधन करके चढ़ावे का 15 प्रतिशत से गौवंश संरक्षण।
- शराब पर प्रति बोतल पर एक रुपये का गौवंश विकास सेस।
- गौसदन स्थापित करने के लिए सरकारी भूमि एक रुपये पर पट्टे पर देने की घोषणा।
- बेसहारा पशु रहित पंचायत को 10 लाख का पुरस्कार देने की घोषणा।