नगर निगम शिमला मेयर कुसुम सदरेट
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नगर निकाय प्रतिनिधियों का मानदेय भी बढ़ाया। नगर पंचायत के अध्यक्ष का मानदेय 3500 से 5000 रूपये किया। नगर पंचायत के उपाध्यक्ष का मानदेय 2800 से 3500 रूपये किया।
नगर पंचायत के सदस्यों का मानदेय 1500 से 2000 रूपये किया। नगर परिषद के अध्यक्ष का मानदेय 4000 से 6000 रूपये किया। नगर परिषद के उपाध्यक्ष का मानदेय 3500 से 5000 रूपये किया। नगर परिषद के सदस्यों का मानदेय 1700 से 2200 रूपये किया।
शिमला व धर्मशाला के नगर निगम मेयर का मानदेय 8 हजार से बढ़ाकर 11 हजार रूपये किया। नगर निगम डिप्टी मेयर का मानदेय 6 हजार से बढ़ाकर 8 हजार रूपये किया। नगर निगम के पार्षदों का मानदेय 4 हजार से बढ़ाकर 5 हजार रूपये किया।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने बजट में श्रेष्ठ शहरी योजना शुरू करने का एलान किया है। इस योजना के तहत साफ-सफाई और जन सेवाओं में बेहतर कार्य करने वाली नगर परिषद को 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिलेगा। नगर पंचायतों में इसी तर्ज पर बेहतर सेवाएं देने पर 75 लाख रुपये का इनाम मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के भीड़भाड़ वाले इलाकों में पीपीपी मोड पर पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने नगर निगम, नगर पंचायत और नगर परिषद के नुमाइंदों के मानदेय में भी बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। बद्दी, मंडी, धर्मशाला, कांगड़ा और मनाली में कलस्टर आधार पर ठोस कचरा संयंत्र लगाए जाएंगे। जबकि स्थानीय निकायों में लोगों के गृह निर्माण प्रस्तावों के अनुमोदन अब आन लाइन प्रणाली से होंगे।
एकीकृत सहकारिता विकास परियोजना की दूसरा चरण लागू होगा
मुख्यमंत्री ने बजट में मंडी और सोलन जिलों में राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम की ओर से एकीकृत सहकारिता विकास परियोजना के दूसरे चरण का शुभारंभ करने का निर्णय लिया है।