सीएम बोले - ये बात सच है कि एक वह दौर था, जब हिमाचल ऊर्जा राज्य बन गया था। ये दौर तेजी से आगे बढ़ा। उस दौर का लाभ भी लिया। देश में जलविद्युत का ऊर्जा उत्पादन में 45 हजार मेगावाट में से हिमाचल का अकेला 11 हजार मेगावाट का योगदान है।
हिमाचल में 27 हजार मेगावाट की दोहन क्षमता है, मगर इसमें कठिनाई पेश आ रही है। यह एक चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्टों को बनाने की लागत भी लगातार बढ़ रही है। एक मेगावाट की लागत 15 करोड़ रुपये पहुंच गई है।
सीएम ने किया तंज, प्रोजेक्टों में बहुत बड़ा योगदान झंडे वालों का
सीएम ने सदन में तंज किया कि प्रोजेक्टों में बहुत बड़ा योगदान झंडे वालों का भी रहा है। कोई लाल झंडा है तो कोई और। ये रोक देते हैं। उन्होंने माकपा विधायक राकेश सिंघा की कुर्सी की ओर इशारा किया - ये दिखे नहीं मुझे। उस वक्त सिंघा अपनी सीट पर नहीं थे।