दो दिवसीय दौरे पर मंडी पहुंचे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदर से भाजपा विधायक अनिल शर्मा के बगावती तेवरों पर खूब चुटकियां लीं। बिपाशा सदन में रविवार को जनसंवाद कार्यक्रम में अनिल मंच पर सीएम के साथ तो दिखे, लेकिन उन्हें तरजीह न देते हुए मंच पर बोलने का मौका तक नहीं दिया। इशारों-इशारों में मुख्यमंत्री ने अनिल को खरी-खरी सुनाने में कसर नहीं छोड़ी।
सीएम ने कहा कि अनिल शर्मा आज साथ चलते तो कुछ बात और होती, लेकिन ये पारिवारिक मजबूरियां बताते रहे। सहयोग की उम्मीद थी, साथी बनकर चलते तो काम का मजा कुछ और होता। कार्यक्रम में अनिल शर्मा और सीएम जयराम में फिर दूरियां नजर आईं। उधर, मंच पर अनिल बतौर विधायक संबोधन की इच्छा जताते रहे, लेकिन उन्हें सदर मंडी में हुए इस कार्यक्रम में बोलने का मौका नहीं दिया।
वहीं, अनिल का कहना है कि वह मंच पर संबोधन में सीएम का विभिन्न विकासात्मक योजनाओं के लिए आभार जताना चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने का मौका ही नहीं दिया। बता दें कि हाल ही में अनिल ने प्रदेश सरकार पर कोरोनाकाल के दौरान उनके घर की बिजली काटकर मुंबई से उनके घर रहने आए बेटे आयुष और उसकी पत्नी अर्पिता व दो बच्चों को तंग करने के आरोप लगाए थे।
मंत्री महेंद्र सिंह समेत सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए थे। सीएम ने कहा कि अगर प्रदेश में कोरोना की रफ्तार यूं ही जारी रही तो सख्त कदम उठाने होंगे। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि लोग कोरोना को लेकर लापरवाह हो गए हैं। कोरोना को हलके में लेने वालों पर कार्रवाई होगी। सीएम ने यहां 15 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कुछ लोग पूछते हैं, पांच काम बताओ, तीन काम बताओ, लेकिन मैं कुछ नहीं बोलता, वक्त सब कुछ बताएगा। सीएम ने कहा हम बदले की भावना से काम नहीं करते। बहुत उछल-कूद से राजनीति नहीं चलती, जब वक्त आएगा तो जवाब दूंगा।
सीएम ने कहा नगर निगम के विरोध में गांव में मनरेगा के बंद होने का प्रचार किया गया तो, हमने मनरेगा की तर्ज पर शहरी रोजगार गारंटी योजना शुरू की। सीएम ने कहा वह खुद गांव के रहने वाले हैं, किसी को दिक्कत नहीं आने देंगे। मंडी को नगर निगम बनाना जरूरी था। कोई मुख्यमंत्री ऐसे हालात से नहीं गुजरा, जहां से हम गुजर रहे हैं। जो चीजें हमने तय की हैं कोरोना के कारण लेट हो रही हैं। हम उनको पूरा करेंगे, इसमें एयरपोर्ट निर्माण हो या शिवधाम।