सोलन को नगर निगम बनाने का विरोध नहीं है। यह गांवों को उखाड़कर बनाया जाए, इसे सहन नहीं किया जाएगा। जिला सोलन की ग्राम पंचायत बसाल के निवासियों ने सरकार को इस संबंध में कड़ी चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को एक पत्र लिखा है। इसकी प्रतिलिपि शहरी विकास सचिव और उपायुक्त सोलन को दी है। बसाल पंचायत के लोगों ने मुख्यमंत्री को 18 पृष्ठों का पत्र लिखा है।
इसमें पंचायत के गांवों को नगर निगम में शामिल करने का कड़ा विरोध किया है। पत्र की सचिवालय में समीक्षा हो रही है। पंचायत बसाल को क्यों नगर निगम में शामिल नहीं किया जाना चाहिए, इस संबंध में कई तर्क दिए गए हैं। इनका कहना है कि अगर ऐसा किया जाता है तो वह ग्रामीण जीवन से वंचित हो जाएंगे।
दैनिक कारोबार और पशुपालन संबंधी निरंतरता बनाए रखने में भी कठिनाई होगी। उनकी पंचायत टमाटर, मटर, गोभी, शिमला मिर्च, लहसुन, प्लम और खुमानी सहित कई प्रकार की सब्जियों के लिए परिचित है। इसकी ख्याति देश-प्रदेश में है। कोरोना काल में भी इनकी पंचायत ने मार्च से लेकर अब तक मटर, लहसुन, टमाटर, शिमला मिर्च आदि सब्जियों की पैदावार की है। हर रोज सब्जियों के ट्रक मंडियों में जाते हैं।
पंचायत के लोगों के पास एक हजार से ज्यादा दुधारू पशु हैं। पंचायत के लोगों ने मांग की है कि खेत, खलिहान, बगीचे, जंगल, घासणी, हरियाली आदि की यदि कहीं थोड़ी सी भी रक्षा हो जाती है तो इससे बड़ी कोई देशभक्ति नहीं हो सकती है। ग्राम पंचायत के प्रधान देवेंद्र प्रधान, सदस्य शिखा शर्मा, संतोष कुमार, शकुंतला आदि ने मांग की है कि उपायुक्त इस क्षेत्र में किसी अधिकारी की नियुक्ति करें और गांववासियों की राय जानें।