हिमाचल प्रदेश में सड़कों की हालत ठीक न होने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अफसरों को लताड़ लगाई है। गुरुवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वर्चुअल माध्यम से लोक निर्माण अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने मुख्य और अधीक्षण अभियंताओं को नियमित रूप से फील्ड का दौरा कर सड़कों के रखरखाव की समीक्षा करने के निर्देश दिए। अभियंताओं को अपने जोन में सड़कों के रखरखाव की निरंतर निगरानी कर उच्च अधिकारियों को समय-समय पर सूचित करने के लिए कहा। सड़कों को पक्का करने के कार्यों की निविदाओं में किसी भी प्रकार के विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा। इसमें दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जयराम ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में भौगोलिक परिस्थितियां अनुकूल न होने से यहां आवागमन के सीमित साधनहैं। इसके लिए सरकार सड़कों के रखरखाव पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को समय-समय पर नवीनीकरण, पैच वर्क और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, नाबार्ड और अन्य सड़कों की टारिंग कर सड़कों की स्थिति में सुधार के लिए गंभीर प्रयास करने के निर्देश दिए। कहा कि लोक निर्माण विभाग ने राज्य और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों के लिए निर्धारित लक्ष्यों में से वार्षिक रखरखाव योजना 2021- 22 के तहत 75 फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिया है।
इसमें 228 करोड़ खर्च कर 1798 किमी सड़कों पर कार्य किया गया है। वर्ष 2022-23 के तहत 1950.59 किलोमीटर सड़कों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कहा कि बिचुमिन गतिविधियों के लिए हिमाचल में 131 संयंत्र हैं। इनमें 63 संयंत्रों ने कार्य करना शुरू कर दिया है। प्रधान सचिव लोक निर्माण सुभाशीष पंडा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। बैठक में मुख्य सचिव राम सुभग सिंह व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। विभाग के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यकारी अभियंताओं ने वर्चुअल माध्यम से अपने-अपने स्थान से बैठक में भाग लिया।