हिमाचल में मंत्रिमंडल गठन के बाद अब मंत्रियों के विभागों के बंटवारे पर पेच फंस गया है। कई मंत्रियों की ओर से महत्वपूर्ण और चार-चार महकमे मांगे जाने से पोर्टफोलियो पर उलझन बढ़ गई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अब इस उलझन को केंद्रीय नेतृत्व से मिलकर सुलझाना चाह रहे हैं।
इसे लेकर वह दिल्ली रवाना हो गए हैं। सीएम ने वीरवार देर शाम को कुछ मंत्रियों के साथ बैठक भी की थी। दिल्ली में जयराम इस मुद्दे पर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा करेंगे। उसके बाद 11 मंत्रियों को विभागों के बंटवारे पर फैसला हो सकता है। ब
ता दें कि सीएम जयराम ठाकुर ने अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों से उनके पसंदीदा विभाग पूछे थे। सूत्रों के अनुसार कई मंत्रियों ने तो चार-चार विभाग मांग लिए हैं। कुछ पसंदीदा विभाग लेने पर अड़ गए हैं।
नहीं हो पाया फैसला
मुख्यमंत्री और 11 मंत्रियों के शपथ लेने के दूसरे दिन वीरवार को भी मंत्रियों के महकमों पर फैसला नहीं हो सका था। बुधवार की कैबिनेट बैठक में भी मंत्रियों से इस विषय पर चर्चा हुई थी। इसके बाद वीरवार को भी सीएम का उनसे संवाद जारी रहा।
इसके बावजूद इनके पोर्टफोलियो वीरवार शाम तक भी असमंजस की स्थिति बनी रही। पिछली सरकारों में जहां पोर्टफोलियो देने में ज्यादा देरी नहीं लगी वहीं इस बार नए मुख्यमंत्री सोच-समझकर ही विभागों का आवंटन करना चाह रहे हैं।
हिमाचल सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव राजेश शर्मा ने बताया कि अभी पोर्टफोलियो पर फैसला नहीं हुआ है। जल्द फैसला होगा।
विभाग तय नहीं, कर्मचारी देने लगे मांग पत्र
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि पदभार ग्रहण करने के बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मिलने की परंपरा है। इसके लिए उनसे समय लिया गया है। दिल्ली में वह भाजपा के केंद्रीय नेताओं से भी मुलाकात करेंगे।
अभी मंत्रियों के विभाग तय नहीं हैं, मगर इससे पहले ही सोशल मीडिया पर लोगों ने मंत्रियों को विभाग बांट दिए हैं।
सुरेश भारद्वाज को शिक्षा, गोविंद सिंह ठाकुर को बागवानी विभाग देने की बातें चल रही हैं। कर्मचारी भी मंत्रियों से मिलकर उनसे अपने विभागों से संबंधित मांग पत्र देने लगे हैं।