निजी स्कूलों का मुकाबला करने के लिए प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बच्चों को पहली बार दी गई स्मार्ट वर्दी पर उठे सवालों के बीच मुख्यमंत्री ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय से मामले की रिपोर्ट तलब की है। गुरुवार को शिमला में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगामी फैसला लिया जाएगा।
अमर उजाला ने 23 नवंबर के अंक में ‘स्मार्ट स्कूल वर्दी का उतरने लगा रंग, सीएम हेल्पलाइन में शिकायत’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर वर्दी का रंग उतरने का मामला उठाया था। कांगड़ा और मंडी जिले से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में इसको लेकर दर्ज शिकायतों में आरोप है कि एक-दो बार धोने पर पैंट और कमीज के रंग फीके पड़ गए। वर्दी पर रोंए भी आ गए हैं।
अभिभावकों ने वर्दी की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए सरकार से मामले की जांच करने की मांग की है। इसी कड़ी में अब मुख्यमंत्री ने भी इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए जांच रिपोर्ट तलब की है। बता दें कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 8.30 लाख विद्यार्थियों को अटल स्कूल वर्दी योजना के तहत पहली बार स्मार्ट वर्दी दी गई है।
साल 2018-19 के लिए 57.90 करोड़ रुपये से स्मार्ट वर्दी की खरीद की गई है। पहली से जमा दो कक्षा के विद्यार्थियों को दो-दो सेट दिए हैं। लड़कियों को लाल, काले और सफेद रंग की चेकदार वर्दी और लड़कों की ग्रीन रंग की पैंट और ग्रीन रंग की चेक शर्ट दी गई है। जुलाई से प्रदेश में वर्दी आवंटन शुरू हुआ। अक्तूबर तक सभी स्कूलों में वर्दी मुहैया करवा दी गई है।