शिमला में पेड़ गिरा, रामपुर में बादल फटा।
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हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर के तरांडा पंचायत में बृहस्पतिवार की देर रात बादल फटने से थाच गांव में बाढ़ आ गई और ग्रामीणों ने जंगलों की ओर भागकर अपनी जान बचाई। बाढ़ की चपेट में आने से निजी और सरकारी भूमि को भारी क्षति पहुंची है। बाढ़ में दो छोटे वाहन और एक मिक्चर मशीन बह गई है। वहीं, नेशनल हाईवे-पांच थाच नाले के पास भूस्खलन के चलते यातायात अवरुद्ध हो गया है। आसपास के कई मकान धंस गए। एनएच पर करीब ढाई मीटर की गहरी खाई बन गई है, जबकि 110 मीटर एनएच पर मलबा और भारी भरकम चट्टानें आ गई हैं। इससे किन्नौर जिले का शिमला समेत देश-दुनिया से सड़क संपर्क कट गया है।
राजधानी शिमला में भारी भूस्खलन से सर्कुलर रोड शुक्रवार को बंद रहा। हिमलैंड के समीप दो बहुमंजिला भवनों को खतरा पैदा हो गया है। सुरक्षा की दृष्टि से सेंट एडवर्ड स्कूल को शनिवार को बंद रखा जाएगा। शिमला के कुमारसैन की करेवथी पंचायत में तीन मंजिला मकान जमींदोज हो गया है। आपदा प्रभावित पांच घरों को खाली करवा लिया गया है। प्रदेश में 422 सड़कें, 107 बिजली ट्रांसफार्मर और 185 पेयजल योजनाएं अभी प्रभावित हैं। धौलाधार, भरमौर और मणिमहेश कैलाश, कुगति जोत की ऊपरी पहाड़ियों पर बर्फबारी भी हुई है। प्रदेश के कई क्षेत्रों में शनिवार को भी बारिश के आसार हैं। शिमला शहर में शुक्रवार को बादल छाए रहे।
जिला किन्नौर के थाच गांव के ठीक ऊपर राइकस की पहाड़ी में रात करीब 12:10 बजे बादल फटा। बादल फटने से गांव के बीच से गुजरने वाले थाच नाले और अन्य दो छोटे नालों का जलस्तर बढ़ गया। इसके बाद गांव में अफरातफरी का माहौल बन गया। सेब उत्पादकों की करीब 10 बीघा भूमि बाढ़ की चपेट में आ गई, जबकि गांव के चार मकान खतरे की जद में आ गए हैं। जिला कांगड़ा में शुक्रवार को मौसम खराब रहा और दोपहर बाद कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। मैक्लोडगंज चर्च के पास भूस्खलन के कारण मुख्य मार्ग बंद हो गया, जिसे बहाल करने के लिए जेसीबी की मदद से मलबे को हटाया जा रहा है। सुबह मौसम साफ होने के चलते गगल हवाई अड्डा के लिए फ्लाइटें समय पर पहुंचीं। हमीरपुर में शुक्रवार को मौसम सामान्य बना रहा है। हालांकि वीरवार रात को कई क्षेत्रों भारी बारिश हुई। चंबा जिले के दुनेरा के समीप हाईवे पर लगातार मलबा गिरने से वाहनों की रफ्तार रुक रही है।शुक्रवार को कुल्लू-मंडी सीमा स्थित झीड़ी के पास भूस्खलन होने से फोरलेन करीब ढाई घंटे अवरुद्ध रहा।
भूस्खलन से मसूरी-देहरादून मार्ग बंद
मसूरी-देहरादून मार्ग शाम सात बजे से लेकर सुबह छह बजे तक वाहनों के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान आकस्मिक सेवाओं जैसे एंबुलेंस, 108 सेवा को छूट रहेगी। मसूरी-दून मार्ग हल्के वाहनों के लिए खोला गया है, लेकिन लगातार हो रही बारिश, भूस्खलन के कारण मार्ग कई जगह क्षतिग्रस्त हैं। इसको देखते हुए प्रशासन ने रात्रि में मसूरी-दून मार्ग में वाहनों का प्रवेश बंद किया है। शहर कोतवाल संतोष कुंवर ने बताया कि मार्ग कई जगह क्षतिग्रस्त होने से आवाजाही के लिए खतरनाक बना हुआ है। मसूरी में लगातार बारिश और रात को घना कोहरा भी छा रहा है। ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए उच्चाधिकारी की ओर से निर्णय किया गया है कि देहरादून-मसूरी मुख्य मार्ग शाम सात बजे से सुबह छह बजे तक बंद रखा जाए।