इससे लाहौल की तरफ जाने वाले पर्यटक और स्थानीय लोग परेशान रहे। चंबा जिले में भी बुधवार को भारी बारिश से भरमौर-पठानकोट मार्ग लाहल धांक के पास और जिले में आधा दर्जन मार्ग भारी भूस्खलन के चलते बाधित रहे। मंडी की पारच्छु ढांक में पहाड़ी दरकने से एनएच 70 जालंधर-मंडी-धर्मपुर-कोटली करीब बीस घंटे बंद रहा। मंगलवार रात को जिला मुख्यालय धर्मशाला और आसपास क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई।
बुधवार को जिला भर में मौसम साफ रहने से तापमान में वृद्धि दर्ज हुई। राजधानी शिमला में भी बुधवार को बारिश का दौर जारी रहा। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी मौसम मिलाजुला बना रहा। बुधवार को ऊना में अधिकतम तापमान 34.0, बिलासपुर में 33.5, हमीरपुर में 33.2, सुंदरनगर में 33.0, चंबा में 32.4, कांगड़ा में 32.3, भुंतर में 31.5, सोलन में 30.5, नाहन में 30.0, धर्मशाला में 28.8, कल्पा में 23.8, शिमला में 23.2, केलांग में 21.5 और डलहौजी में 20.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
13 तक मौसम खराब
प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में गुरुवार को भी बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 13 अगस्त तक प्रदेश में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है।
जिले के नकड़ोह में दवा लेने गए सुभाष चंद (54) निवासी गांव कैलाशनगर की खड्ड में बह जाने से मौत हो गई। जिले में भारी बरसात के कारण गांव की खड्ड में आए उफान में आईपीएच विभाग में तैनात पंप ऑपरेटर सुभाष लगभग पांच किलोमीटर स्वां तक बह गए। तलाश करने पर उनका शव खड्ड किनारे पेड़ की जड़ों में फंसा मिला।
पेयजल योजनाओं को 200 करोड़ की क्षति
आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ने बताया कि राज्य में भारी बारिश से पेयजल और सिंचाई योजनाओं को करीब 200 करोड़ रुपये की क्षति हुई है। प्रदेश सरकार रिपोर्ट मंगाकर रोजाना केंद्र सरकार को भेज रही है। मंत्री ने बुधवार को आईपीएच मुख्यालय में अधिकारियों के साथ हुई बैठक में नुकसान की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश को केंद्र से अभी कोई वित्तीय मदद नहीं मिली है। प्रदेश सरकार ने योजनाओं की मरम्मत को दिए 51 करोड़ रुपए दिए हैं।