बहुचर्चित रेणुका बांध परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इस प्रोजेक्ट से विस्थापित होने वाले 1142 परिवारों का बेसलाइन सर्वे (सामाजिक आंकलन) पूरा हो चुका है। वन अनुसंधान केंद्र (एफआरआई) देहरादून को इस बेसलाइन सर्वे को तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया था।
एफआरआई के विशेषज्ञों की टीम ने इस सर्वे को पूरा करके रिपोर्ट बांध प्रबंधन को सौंप दी है। एफआरआई के जलवायु विशेषज्ञ डॉ. धर्मानंद व परियोजना समन्वयक संदीप छेत्री ने वीरवार को रेणुका पहुंचकर बांध प्रबंधन को यह रिपोर्ट सौंपी। बांध की जद्द में रेणुका व पच्छाद क्षेत्र की 20 पंचायतों के 1142 परिवार पूर्ण रूप से विस्थापित होंगे।