जिला ऊना के पूर्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मदन लाल कौशल और हेड कांस्टेबल बृज भूषण के खिलाफ ड्रग माफिया से कथित सांठ-गांठ को लेकर चल रहे मामले में दोनों अधिकारियों को अदालत से क्लीन चिट मिल गई है।
अदालत के आदेश पर मामले की जांच बंद कर दी गई है। पुलिस ने इस मामले में विशेष न्यायाधीश डीआर ठाकुर की अदालत में रिपोर्ट दाखिल की। सुबूतों के अभाव में अदालत ने दोनों को मामले में बरी करते हुए केस बंद करने के आदेश दिए हैं।
चार अप्रैल, 2018 को अनिल कुमार के खिलाफ एनडीपीएस व एक्साइज एक्ट के तहत पुलिस थाना सदर ऊना में मामला दर्ज हुआ था। मामले की शिकायतकर्ता हेड कांस्टेबल कुलदीप सिंह ने जांच की।
इस दौरान अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि वह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मदन कौशल तथा हेड कांस्टेबल बृजभूषण को नशे का अवैध धंधा करने की एवज में रुपये देता था। इस मामले की लिखित सूचना एचसी कुलदीप कुमार ने एसपी ऊना को दी। डीएसपी हेडक्वार्टर को मामले की जांच सौंपी गई।
बाद में यह मामला सीआईडी क्राइम ब्रांच को दे दिया गया। टीम ने मामले में आरोपी रहे दोनों पुलिस अधिकारियों से पूछताछ के अलावा उनके घर से लैपटॉप व कुछ दस्तावेज आदि भी जब्त किए।
जांच में सामने आया कि पूर्व एएसपी मदन लाल कौशल व आरोपी अनिल कुमार एक दूसरे के संपर्क में तो थे, लेकिन पैसे लेने की आरोपों की सत्यता अदालत में साबित नहीं हो सकी। आरोपी अनिल कुमार ने भी अदालत में बयान का खंडन किया है।
लिहाजा अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्ट्या दोनों ही पुलिस अधिकारियों के खिलाफ ऐसे कोई सुबूत नहीं मिले जिनके आधार पर आरोप साबित हो सके। अदालत ने एसपी ऊना तथा एसएचओ ऊना को इस संबंध में सीआर जारी होने के निर्देश जारी किए हैं।