नो पार्किंग जोन में खड़ी होने वाली गाड़ियों के चालान के बाद उन्हें क्लैंप कर दिया जाएगा। शिमला शहर में यह व्यवस्था लागू हो गई है। ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार से यह अभियान शुरू कर दिया है। यह पहली दफा है जब चालकों पर इस तरह से शिकंजा कसा जा रहा है। अब चालक वहां से चाहकर भी अपनी गाड़ी नहीं ले जा सकता।
क्लैंप की चाबी पुलिस के पास रहेगी और क्लैंप के ताले को खुलवाने के लिए चालक को ट्रैफिक कार्यालय आना ही पड़ेगा। ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार को आईजीएमसी रोड पर खड़ी गाड़ियों पर यह प्रयोग किया। सड़क के किनारे खड़ी मोटरसाइकल के टायर पर को क्लैंप कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि बाहरी राज्यों और एप्लाइड फोर गाड़ियों के लिए यह क्लैंप काफी मददगार है।
इन गाड़ियों के मालिक चुपचाप नो पार्किंग जोन में इन्हें खड़ी करके चले जाते हैं। चालान होने के बाद इनके पते पर सम्मन भेजा जाता है। यह प्रक्रिया काफी लंबी और जटिल है। लिहाजा अब ऐसी गाड़ियों की क्लैपिंग की जाएगी। शिमला शहर में इस तरह के पहले प्रयोग से पुलिस को उम्मीद है कि इससे काफी हद तक नो पार्किंग जोन में लोग गाड़ियां खड़ी करने से हिचकेंगे।
ट्रैफिक पुलिस का क्लैंप सिस्टम से एक तरह से टायर में ताला लगा दिया जाता है। इसमें चालक वाहन को मौके से बाहर नहीं ले जा सकता। चालक को वाहन छुड़वाने के लिए ट्रैफिक पुलिस के पास जाना ही पड़ेगा। कारण क्लैंप किए गए वाहन की चाबी पुलिस कर्मचारी के पास रहेगी। पुलिस को उम्मीद है कि इससे नियमों पर अमल होगा।
ऑकलैंड मार्ग पर अब ट्रैफिक वन वे
ट्रैफिक पुलिस ने स्कूली बच्चों को आ
रही असुविधा को देखते हुए आकलैंड से लांगवुड तक ट्रैफिक को वन वे कर दिया
है। अब व्हाइट होटल से आने वाली गाड़ियां ऑकलैंड स्कूल के पास यू टर्न नहीं
ले पाएंगी। गाड़ी सीधे लौंगवुड जाएगी और ऑकलैंड टनल होते हुए मुड़ेगी। यही
व्यवस्था भराड़ी और कलेस्टन से आने वाली गाड़ियों के लिए की है। वह सीधे
ऑकलैंड नहीं आएगी उन्हें ऑकलैंड टनल से होकर जाना होगा।
दफ्तर आएं और वाहन ले जाएं
गाड़ी
के शीशे पर चालान के साथ एक जानकारी का चिट चिपकाया जा रहा है। इसमें चालक
से आग्रह किया है कि वह ट्रैफिक कार्यालय में आकर चालान का भुगतान करें।
इसी के बाद गाड़ी रिलीज होगी। पुलिस की इस व्यवस्था से कई शहर के ट्रैफिक
व्यवस्था में सुधार होगा तथा लोगों को जाम की समस्या से भी नहीं जूझना
पड़ेगा।