सीटू राज्य कमेटी के आह्वान पर मंगलवार को राज्य सचिवालय के बाहर नगर निगम के उपमहापौर टिकेंद्र पंवर की अगुवाई में प्रदर्शन किया गया। सीटू ने जिला किन्नौर की शोंगटोंग जल विद्युत परियोजना के हड़ताली मजदूरों के समर्थन में सचिवालय के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इस मौके पर उपमहापौर टिकेंद्र पंवर ने कहा कि जिला किन्नौर बार्डर पर स्थित है। ऐसे में सीमावर्ती इलाकों में लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखना चिंताजनक है। उन्होंने 41 दिनों से परियोजना में जारी हड़ताल को समाप्त करवाने के लिए मुख्यमंत्री और श्रम मंत्री मुकेश अग्निहोत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की। टिकेंद्र पंवर ने जिला किन्नौर के कांग्रेस विधायक पर मनमानी करने का आरोप लगाया।
छोटा शिमला चौक पर प्रदर्शन करते हुए टिकेंद्र पंवर ने कहा आज के समय में भ्रष्टाचार का तिकोना गठबंधन है। पूंजीपति, नेताओं और अफसरों के कथित गठजोड़ के चलते मजदूरों के मानवाधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है। कैग रिपोर्ट में बताया गया है कि करीब 330 करोड़ का किन्नौर में एक कंपनी को लाभ पहुंचाया गया। सरकार के पैसे का दुरुपयोग हुआ है।
कानून विशेषज्ञों से राय लेने के बाद इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। उन्होंने किन्नौर जिला में प्रकृति से छेड़छाड़ पर दुख जताया। सीटू राज्य महासचिव डा. कश्मीर सिंह ठाकुर ने बताया कि सीटू कार्यकर्ताओं ने खुद को गिरफ्तारियों के लिए पेश किया, लेकिन पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया।
उन्होंने बताया कि 29 अप्रैल तक सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने सरकार से श्रम कानून को लागू करने की मांग की। इस अवसर पर बलवीर पराशर, बालक राम, सुरेश शर्मा, सतपाल, सन्नी, मोहन, अनिल वर्मा, अमित, सुशील, जगदीश, मोहर सिंह, श्याम लाल, करतार, दयाराम, सोहन लाल, शिशुपाल, पवन और जय चंद सहित कई अन्य मौजूद रहे।