क्या राजनेताओं के फोन भी टैप किए गए हैं? इसके जवाब में मुख्य सचिव बोले - नेताओं के फोन इंटरसेप्ट नहीं होते हैं। यह व्यवस्था केवल अपराधियों के खिलाफ ही है।फोन टैपिंग मामला पहले काफी विवादित रह चुका है।
पूर्व वीरभद्र सरकार ने शपथ लेने से पहले आधी रात को पहली कार्रवाई सीआईडी और विजिलेेंस मुख्यालयों पर छापा मार फोन टैपिंग से संबंधित रिकार्ड कब्जे में लेकर की। धूमल सरकार में नियुक्त तत्कालीन डीजीपी आईडी भंडारी पर मुकदमा तक चलाया गया।
भंडारी बार-बार दोहराते रहे कि सीआईडी नियमानुसार ही फोन टैप करती है। बाद में उन पर आरोप सिद्ध नहीं हो पाए, क्योंकि कोर्ट ने चालान पेश करने के बाद मुकदमा खारिज कर दिया।