फर्जी डिग्री के आरोपों में घिरी शिमला की एपी गोयल यूनिवर्सिटी की जांच कर रही सीआईडी नेजांच से संबंधित दस्तावेज कब्जे में लिए। टीम को अभी तक यूनिवर्सिटी प्रशासन कोरोना और संस्थान में छुट्टी का हवाला देकर दस्तावेज देने से बच रहा था। आला अधिकारियों के निर्देश पर जांच अधिकारियों की सख्ती के बाद प्रबंधन ने दस्तावेज उपलब्ध करवा दिए हैं।
सूत्रों का कहना है कि इन दस्तावेजों की पड़ताल के बाद जांच अधिकारी शिकायत करने वाले बर्खास्त प्रोफेसर को जांच में शामिल करेंगे। इसके बाद एक-एक कर विश्वविद्यालय के अधिकारियों को भी सीआईडी मुख्यालय तलब किया जाएगा। बता दें, सोलन के मानव भारती विश्वविद्यालय के बाद एक बर्खास्त प्रोफेसर ने शिमला पुलिस व सीआईडी को पत्र लिखकर एपी गोयल शिमला विश्वविद्यालय के खिलाफ फर्जी डिग्री बांटने के संगीन आरोप लगाए थे।
शिमला पुलिस ने तो शिकायत को दबा दिया, लेकिन सीआईडी ने प्रारंभिक जांच के बाद हाल ही में मामले में एफआईआर दर्ज की है। अमर उजाला के मामला उठाने पर आठ महीने बाद शिमला पुलिस ने भी शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, कोरोना की वजह से हिमाचल से बाहर रह रहे शिकायतकर्ता अब तक किसी भी जांच में शामिल नहीं हो सके हैं। उन्होंने ई-मेल के जरिये शिकायत से संबंधित दस्तावेज और अपना बयान जांच अधिकारियों को भेज दिया है।
जांच अधिकारी आमने-सामने बैठकर बयान दर्ज करने के लिए शिकायतकर्ता के शिमला आने का इंतजार कर रहे हैं। डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि सोलन पुलिस की एसआईटी मानव भारती मामले की जांच कर रही है, जो अब अपने अंतिम दौर में है। शिमला की एपी गोयल विश्वविद्यालय के खिलाफ सीआईडी ने जांच शुरू कर दी है। कहा कि आरोपियों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।