हिमाचल में चर्चित बाबा अमरदेव पर एक नई मुसीबत आ गई है। बाबा के साधुपुल स्थित आश्रम में पिछले साल छापेमारी के दौरान मिली खालें तेंदुए की होने की पुष्टि करने वाले वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया देहरादून की जांच रिपोर्ट सोमवार को सीआईडी को मिल गई है।
अधिकारियों ने रिपोर्ट मिलने की पुष्टि भी कर दी है लेकिन रिपोर्ट मिलने के तीन दिन बाद भी सीआईडी की क्राइम ब्रांच बाबा के खिलाफ जांच आगे बढ़ाने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रही है।
हाल ही में ग्रामीणों के साथ हुई मारपीट के बाद फिर विवादों में आए सोलन के बाबा अमरदेव पर सरकार की मेहरबानी सूबे भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों के साथ हुई मारपीट और इलाके के लोगों के कड़े विरोध के बावजूद सूबे के कई बड़े नेता और अफसरशाह बाबा से मिलने अस्पताल पहुंच गए।
अस्पताल में बाबा से मुलाकातों के बाद सोलन के कंडाघाट थाने के एसएचओ समेत अचानक 18 पुलिस कर्मियों का तबादला हो गया। इससे पुलिस महकमा डरा हुआ है। डब्ल्यूआईआई की ताजा रिपोर्ट से सीआईडी अफसरों को समझ नहीं आ रहा है कि इस केस को कैसे आगे बढ़ाएं।
बाबा के भक्त बने सरकार के मंत्री, जनता में गुस्सा
किसी के घर या आश्रम में तेंदुए की खाल पाया जाना वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट में एक गंभीर अपराध है। बाबा के आश्रम की जमीन को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। कैबिनेट में बाबा के आश्रम की जमीन पर चर्चा हो चुकी है।
जिला प्रशासन की ओर से बाबा को जमीन कब्जाने को लेकर नोटिस भी दिया गया, लेकिन अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे तमाम विवादों के बावजूद सरकार अभी भी बाबा अमरदेव के साथ खड़ी दिख रही है।
सूत्र बताते हैं कि सूबे के आधा दर्जन से ज्यादा कैबिनेट मंत्री, नेता और पुलिस प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी बाबा के अनुयायी हैं। आश्रम में होने वाले छोटे बड़े कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, कैबिनेट मंत्री धनी राम शांडिल से लेकर ठाकुर सिंह भरमौरी, कौल सिंह और कर्ण सिंह तक देखे जाते रहे हैं।
इसी झुकाव का फायदा बाबा जमकर उठाते रहे हैं। कुछ समय पहले उन्होंने सरेआम मीडिया को सरकार के एक मंत्री की मौजूदगी में धमकाया था। ग्रामीणों से उनका लगातार टकराव बना हुआ है।
अब जांच भी बदली, थाने में नया स्टाफ भी तैनात
बाबा और ग्रामीणों के बीच हुई मारपीट के बाद विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री और बाबा की अस्पताल में हुई मुलाकात के बाद एसएचओ कंडाघाट समेत 18 पुलिस कर्मियों के तबादले का विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि मंगलवार को मामले की जांच को सोलन पुलिस से छीनकर अब सीआईडी क्राइम ब्रांच को दे दी गई है।
कल्याण सिंह के हाथों कंडाघाट थाने की कमान
श्रीरामलोक मंदिर मामले में कंडाघाट थाना के पूरे स्टाफ को लाइन हाजिर करने के बाद खाली पदों पर तैनाती हो गई है। इसमें कसौली के एसएचओ कल्याण सिंह को कंडाघाट थाना का प्रभारी बनाया है।
राम सिंह को पुलिस लाइन सोलन से कंडाघाट का एएसआई नियुक्त किया है। एचसी चंद्रमोहन को टीटी और कंडाघाट, सोलन सदर एचसी कुलवंत सिंह को कंडाघाट नियुक्त किया है। इसके अलावा थाना से 44 जवानों के तबादले भी किए गए हैं। जिला पुलिस में इतना बड़ा फेरबदल पहली बार हुआ है।
लोग बोले, सरकार का रवैया सही नहीं
कंडाघाट के पूर्व प्रधान गुरविंद्र सिंह ने बताया कि प्रशासन और सरकार की ओर से पुलिस कर्मचारियों का तबादला करना सही नहीं है। श्रीराम लोक मंदिर मामले में की गई गिरफ्तारी भी ठीक नहीं है। सरकार और प्रशासन को मामले में निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए।
बेकसूर लोगों को किया जा रहा तंग
कारोबारी योगेश ने बताया कि प्रशासन और सरकार एकतरफा कार्रवाई कर रहे हैं। गांव के भोले -भाले लोगों का कोई समर्थन नहीं कर रहा है। दूसरी ओर हाई प्रोफाइल बाबा को बड़े-बड़े आला अधिकारियों का समर्थन है। बाबा इसका गलत फायदा उठाकर बेकसूर लोगों तंग कर रहा है।
बाबा के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं
कारोबारी अजीत ने कहा कि कुछ दिन पूर्व रामलोक मंदिर परिसर में महिला के साथ हुई मारपीट गलत है। बाबा पहले भी कई मामलों में विवादित है। इस दौरान भी बाबा पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। अब इस मामले में भी ग्रामीणों को जेल में डाला जा रहा है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से निष्पक्ष जांच मांगी है।