जिला पुलिस और मुख्यालय के बीच घूम रहीं फाइलें
नशा तस्करी का नेटवर्क तोड़ने के लिए पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत की जा रही कार्रवाई
अभी तक सिर्फ तीन मामलों में मिली मंजूरी, आपत्तियों में ही बीत गया एक साल का समय
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। पुलिस के नशा तस्करी के आदतन अपराधियों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत की जाने वाली कार्रवाई के मामले औपचारिकताओं में उलझकर रह गए हैं। आपत्तियों के कारण ऐसे अपराधियों पर शिकंजा कसने की फाइलें एसपी कार्यालय और पुलिस मुख्यालय के बीच घूम रही हैं। इस वजह से जिले में नशा तस्करी का नेटवर्क चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। जिला पुलिस पिछले एक साल से आदतन अपराधियों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करने के लिए काम कर रही है। इसमें कुल 17 मामलों में से 3 मामलों में ही अभी तक मंजूरी मिल सकी है जबकि 14 मामलों में बार-बार लगने वाली आपत्तियों के कारण मंजूरी नहीं मिल सकी है। जिला पुलिस सीआईडी रिपोर्ट, लोगों की शिकायत, सोर्स की सूचना और पिछले नशा तस्करी से जुड़े मामलों के आधार पर कार्रवाई करती है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इसमें से कई आरोपी जिले में दूसरे राज्यों से भी चिट्टा तस्करी के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। ऐसे में इन आरोपियों को पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेजने से नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने में मदद मिलेगी। जिला शिमला की बात करें तो चिट्टा तस्करी ने युवा पीढ़ी को बर्बादी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। पुलिस लगातार नशा तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इसके बावजूद लोग जमानत पर रिहा होने के बाद फिर से नशा तस्करी में संलिप्त हो जाते हैं। हालांकि इसमें कई नशे के आदी युवा भी हैं, जिनके पुनर्वास के लिए सरकार को उचित कदम उठाने की जरूरत है, लेकिन वर्तमान में नशा तस्कर समाज और खासकर युवा पीढ़ी के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं। इसको देखते हुए अब जिला पुलिस ने बार-बार नशा तस्करी में पकड़े जाने वाले आरोपियों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ध्के तहत कार्रवाई करने का फैसला लिया है। प्रदेश में नशे के मामलों को लेकर सलाहकार बोर्ड का गठन किया है। सचिव गृह से किसी भी आरोपी को हिरासत में भेजने के बाद सलाहकार बोर्ड मामले की सुनवाई करता है। इसकी अध्यक्षता प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश करते हैं और दो वरिष्ठ अधिवक्ता सदस्य होते हैं। सुनवाई में पुलिस और आरोपी अपना-अपना पक्ष रखते हैं। इसके अतिरिक्त इस साल पुलिस नशा तस्करी के मामलों में 400 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसमें कई अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर गिरोह भी शामिल हैं। इसके बावजूद कई नशा तस्कर कई बार पकड़े जाने के बावजूद नशा तस्करी के अवैध कारोबार में संलिप्त रहते हैं। ऐसे में युवा पीढ़ी को बचाने के लिए ऐसे आदतन अपराधियों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत सीधे जेल भेजने का प्रावधान है।