पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी गुरविंद्र ने उगले कई राज, कोटखाई में है अधिक मांग
ढली के एक होटल में ठहरकर बेचता था नशा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। तस्करों ने राजधानी के कई क्षेत्रों को चिट्टा बेचने के लिए अपना ठिकाना बना लिया है। एक ही जगह बैठकर तस्कर लाखों का चिट्टा बेच रहे हैं। ढली के पास चिट्टे के साथ पकड़े गए दंपती ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं।
मुख्य आरोपी गुरविंद्र ने शुरुआती पूछताछ में पुलिस को गुमराह करने कोशिश की लेकिन बाद में सबकुछ उगल दिया। गुरविंद्र ने बताया कि कोटखाई क्षेत्र में चिट्टे की काफी मांग है। इसलिए उसने ढली के पास एक निजी होटल को अपना अड्डा बना लिया और यहीं से चिट्टे की तस्करी करता रहा। अधिकतर ड्रग पैडलर कोटखाई से इसके पास आते थे। चिट्टे का भाव यहीं तय होता था। पहले पैसे लेता था फिर चिट्टा उनके हाथ में थमा देता था। डेढ़ साल में उसने करीब 30 लाख का चिट्टा बेचा है। डीसीपी शिमला रेंज (एसएनसीसी) दिनेश शर्मा ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। पुलिस ड्रग पैडलरों की वेरिफिकेशन कर रही है।
महंगी गाड़ियों के शौक ने बनाया तस्कर
गुरविंद्र को महंगी गाड़ियों का शौक था। लेकिन पैसे इतने नहीं थे कि यह शौक पूरा कर सके। गुरविंद्र ने शार्टकट अपनाया और नशे के काले कारोबार में कूद गया। इसने अपनी पत्नी को भी इसमें शामिल कर लिया। दिया। काला कारोबार करते-करते गुरविंद्र इतना समझ गया था कि चिट्टे की बड़ी खेप को ठिकाने लगाना आसान नहीं है। इसलिए गुरविंद्र हमेशा चिट्टे की छोटी खेप के साथ शिमला आता था और इसे बेचकर चंडीगढ़ चला जाता था। इस बार आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
फाइनेंस कंपनी में करता था काम
गुरविंद्र गाड़ियों की एक फाइनेंसिंग कंपनी में काम करता था और इस सिलसिले में उसका कोटखाई सहित कई जगहों पर आना-जाना रहता था। इस बीच उसकी कई ऐसे लोेगों से मुलाकात हुई जो चिट्टे की मांग करते थे। बस यहीं से गुरविंद्र का दिमाग चिट्टे के कारोबार की ओर घूम गया।