डीसी दफ्तर के बाहर एसएफआई के नेतृत्व में बोला हल्ला, सरकार से सख्त उठाने की मांग
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बोले, तस्कर प्रदेश को बना रहे हैैं उड़ता हिमाचल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एसएफआई की राज्य कमेटी ने प्रदेश में फैल रहे चिट्टे के नशे के खिलाफ सोमवार को उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर प्रदर्शन किया। एसएफआई नेताओं ने कहा कि एसएफआई युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रदेशभर में जागरूकता अभियान शुरू करेगी।
सरकार ने यदि समय रहते मौत का ग्रास बन रहे युवाओं को बचाने और नशे का काला कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो एसएफआई प्रदेशभर में आंदोलन करेगी। एसएफआई के राज्य उपाध्यक्ष सन्नी सेक्टा, सचिव दीनित देंटा ने कहा कि पंजाब के बाद इस नशे के कारण अब उड़ता हिमाचल बनने लगा है। प्रदेश का युवा सिंथेटिक ड्रग्स का कारोबार करने वालों के निशाने पर हैं। चिट्टा जैसे बर्बाद करने वाले नशे के कारोबार ने गांव-गांव तक पांव पसार लिए हैं। यह सब सरकार और पुलिस के सामने हो रहा है।
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प्रदेश में लगातार चिट्टे के सेवन से युवाओं की मौतें हो रही हैं, घर बर्बाद हो रहे हैं। इस काले धंधे में सरकारी कर्मचारियों से लेकर एमबीबीएस छात्र, वकील तथा डॉक्टर सहित हर प्रोफेशन के लोग शामिल हैं। पुलिस हालांकि नशा तस्करी के मामले लगातार पकड़ने में मुस्तैदी दिखा रही है लेकिन चिट्टे का कारोबार फिर भी कम नहीं हो रहा। नशा लगातार हिमाचल को खोखला कर रहा है।
बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जरूरत : सेक्टा
एसएफआई के राज्य उपाध्यक्ष सन्नी सेक्टा ने कहा कि यदि इसे न रोका गया तो कल का भविष्य युवा बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में चिट्टे की सप्लाई रोकने और पैसे के लालच में इसका कारोबार करने वाले लोगों की धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई करें। सेक्टा ने कहा कि युवाओं और प्रदेश को चिट्टे से बचाने के लिए एसएफआई सरकार का पूरा सहयोग करेगी। नुक्कड़ नाटकों और सभाओं के माध्यम से युवाओं को नशे से होने वाले नुकसान की जानकारी दी जाएगी। कहा कि एसएफआई सरकार का पूरा सहयोग करेगी, प्रदेश सरकार चिट्टे के आदि हो चुके युवाओं को इससे बाहर निकालने के लिए पुनर्वास केंद्र स्थापित करें।