मीमांसा बाल साहित्य महोत्सव शुरू, तीन दिन तक चलने वाले उत्सव में 350 से अधिक विद्यार्थी ले रहे हिस्सा
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राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शोभा थरूर किया शुभारंभ संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में बुधवार को भाषा एवं संस्कृति विभाग और कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में मीमांसा–बाल साहित्य महोत्सव शुरू हो गया। गेयटी बच्चों की कल्पना, साहित्य और रचनात्मकता से गुलजार रहा। बच्चों को कविताएं लिखना और पेंटिंग करना सिखाई गई।
तीन दिवसीय महोत्सव का उद्घाटन प्रसिद्ध लेखिका एवं राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त वॉयस आर्टिस्ट शोभा थरूर श्रीनिवासन ने किया। महोत्सव के पहले दिन विद्यालयों और महाविद्यालयों के 350 से अधिक विद्यार्थियों ने भाषण प्रतियोगिता, पुस्तक चर्चा, कला, कविता और रचनात्मक लेखन से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया। बच्चों ने शिक्षा, तकनीक, किताबों, जीवन-मूल्यों और भविष्य जैसे विषयों पर पूरे आत्मविश्वास से विचार रखे। निर्णायक मंडल में पूजा प्रियंवदा, आरती गुप्ता और डॉ. ऋतु शर्मा शामिल रहीं। इस दौरान कार्टूनिस्ट एवं चित्रकार अजीत नारायण ने फन विद आर्ट : कार्टूंस इन बुक्स सत्र में बच्चों को सरल रेखाओं, भाव-भंगिमाओं और कल्पना से पात्र गढ़ने की कला सिखाई। डॉ. मीनाक्षी फेथ पॉल और हिंदी कवि आत्मा रंजन ने कविताएं लिखना सिखाईं।
लेखक रणजोध की पुस्तक पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में लेखक रणजोध सिंह की पुस्तक मैली कमीज पर विशेष चर्चा हुई। डॉ. आशू खोसला के संचालन में युवा पाठकों सुजल शर्मा, आहाना और शगुन रणोट ने लेखक से संवाद किया। वहीं मीनाक्षी चौधरी, डॉ. मीनाक्षी फेथ पॉल और युवा सह-लेखिकाओं शगुन रणोट तथा मिडोरी दास ने इज द हाउस हॉटेंड और द ह्यूमिलिटी ऑफ लाइज पर चर्चा की। विद्यार्थियों ने लेखन से प्रकाशन तक की यात्रा को करीब से समझा। फिल्मकार विवेक मोहन ने वरिष्ठ विद्यार्थियों के लिए बुक्स टू स्क्रिप्ट कार्यशाला करवाई।