मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने शिमला स्थित सचिवालय से प्रदेश में 9 दिनों तक चलने वाले वन अग्नि सुरक्षा अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने वाहनों को हरी झंडी दिखाकर इस अभियान की शुरूआत की।
इस अवसर पर मुख्य सचिव ने कहा कि अभियान के दौरान वन प्रचार टीमें चार रूटों में जाकर प्रदेश की जनता को आग से वनों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगी। उन्होंने कहा कि 64 वन रेंजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जिनमें नुक्कड़ नाटक, प्रदर्शनियों और प्रचार सामग्री के माध्यम से वनों में लगने वाली आग की रोकथाम की जानकारी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि वनों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय समुदायों, गैर- सरकारी संगठनों तथा संबंधित विभागों को वन अग्निशमन बल में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में त्वरित वन अग्निशमन बल के 13500 सदस्य हैं। इसके अतिरिक्त 80 संवेदनशील वन क्षेत्रों में वन अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों की ओर से आम लोगों के साथ विचार विमर्श किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने प्रदेश के लोगों से अपील की है कि वे वनों में लगने वाली आग की रोकथाम में सक्रिय सहयोग दे ताकि प्राकृतिक संपदा तथा जानमाल को होने वाले नुकसान को रोका जा सके।
इस अवसर पर प्रधान मुख्य अरण्यपाल अजय कुमार, वन बल प्रमुख राकेश सूद, अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल वित्त संजय सूद और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।