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मुख्य सचिव ने कांगड़ा और थनका पेंटिंग में दिखाई विशेष रुचि

Thu, 15 Nov 2018 11:56 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला बुधवार को नई दिल्ली में हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ आरंभ हुआ। यह व्यापार मेला हर वर्ष नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 14 से 27 नवंबर तक आयोजित किया जाता है। मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने हिमाचल पवेलियन का उद्घाटन किया।

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इस पवेलियन में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की ओर से सात विक्रय स्टाल और प्रदेश के उद्यमियों की तरफ सात काउंटर स्थापित किए गए हैं। मुख्य सचिव ने कांगड़ा पेंटिंग तथा थनका पेंटिंग में विशेष रुचि दिखाई।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में सक्रिय भागीदारी के लिए स्वयं सहायता समूहों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पवेलियन में प्रदर्शित किए गए हिमाचली उत्पाद वास्तव में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अद्भुत हिमाचल का परिचय करवाते हैं।
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निदेशक हिमाचल पवेलियन तिलकराज शर्मा ने मेले की गतिविधियों का विवरण दिया। बताया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले के दौरान 21 नवंबर को हिमाचल दिवस मनाया जाएगा, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित कई गतिविधियां होंगी।

तीन कृषि खाद्य प्रसंस्करण क्लस्टर को स्वीकृति देने पर सहमति
मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्र सरकार की खाद्य एवं प्रसंस्करण सचिव पुष्पा सुब्रह्मण्यम से भेंट कर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। इन्हें स्वीकृति देने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने की भी मांग की।

अग्रवाल ने सचिव को बताया कि इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिए होने वाले मेगा इनवेस्टर मीट और अन्य कार्यक्रमों में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा। केंद्र ने इसके लिए सभी संभावित सहायता और सहयोग का आश्वासन दिया।

उन्होंने प्रधानमंत्री कृषि संपदा योजना के तहत कांगड़ा, मंडी और सोलन जिलों के लिए तीन अतिरिक्त कृषि खाद्य प्रसंस्करण क्लस्टर अनुमोदित करने का आग्रह किया। पिछले वर्ष प्रदेश में फल उत्पादन  6.15 लाख मीट्रिक टन रहा है। केंद्र सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है।

वर्तमान में कांगड़ा में ही एकमात्र क्लस्टर स्वीकृत है। मुख्य सचिव ने नए औद्योगिक क्षेत्रों ऊना के पंडोगा, कांगड़ा के कंदरोड़ी और सोलन के अडुवाल को नामित फूड पार्क (डीएफपी) के रूप में अधिसूचित करने का आग्रह किया। केंद्र सरकार ने इसके लिए स्वीकृति दी है।

इससे उद्यमी बड़े प्रोत्साहनों को प्राप्त करने को भी पात्र हो जाएंगे। नामित खाद्य पार्कों में उद्यमी प्रति इकाई अधिकतम पांच करोड़ तक तकनीकी सिविल कार्य सहित संयंत्र और मशीनरी के 50 प्रतिशत मूल्य पर प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे, क्योंकि यह प्रोत्साहन सामान्य श्रेणी के राज्यों को केवल 35 प्रतिशत ही है।

अग्रवाल ने प्रदेश को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की ऑपरेशन ग्रीन योजना में शामिल करने की मांग की, क्योंकि हिमाचल आलू और टमाटर के उत्पादन में समृद्ध है। केंद्र सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है और उद्योग विभाग से एक प्रस्ताव भेजने को कहा है। वर्तमान में टमाटर उत्पादन में हिमाचल प्रदेश 12वें स्थान पर है, जिसका उत्पादन 473 मीट्रिक टन है।

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