टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में शामिल किए गए क्षेत्रों के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। पंचायतों की ओर से लगातार सरकार को टीसीपी से गांवों को बाहर करने के प्रस्ताव आ रहे हैं। अब तक सरकार को घुमारवीं, सुंदरनगर, मणिकर्ण, बिलासपुर, बैजनाथ, कसौल, मनाली, पार्वती वैली आदि पंचायतों से प्रस्ताव मिले हैं। यहां की आबादी हजारों में है।
सरकार ने शहरों की जनसंख्या बढ़ाने के लिए कई गांवों को टीसीपी में शामिल किया है। विभाग की ओर से भवन निर्माण को लेकर सख्ती होने लगी तो गांवों के लोगों ने इसका विरोध करना शुरू किया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हाल ही में कुल्लू का दौरा किया था।
उस दौरान भी मनाली, पार्वती वैली के लोगों ने भवन निर्माण के नियम कड़े होने का हवाला देते हुए टीसीपी से बाहर करने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया था कि प्रदेश सरकार इसको स्टडी कर रही है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल के सभी शहरों को नगर निकाय और टीसीपी में शामिल किया जाना था, लेकिन कई गांव ऐसे हैं जिनकी जनसंख्या कम पाई गई।
ऐसे में जिला प्रशासन ने इन गांवों की जनसंख्या बढ़ाने के लिए कई गांव को टीसीपी में शामिल कर दिया। अब जब टीसीपी के अधिकारी इन गांवों में दस्तक देने के साथ भवन बनाने के नियम और कानून समझाने लगे तो लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।
यह मामला सरकार के विचाराधीन है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ डिस्कस होना है। जिला प्रशासन के माध्यम से इन गांवों को टीसीपी में शामिल किया गया है।
- सरवीण चौधरी, शहरी विकास मंत्री