सीएम ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण बदलाव लागू कर रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश को निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर करना है। उन्होंने केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट भी जारी की। मुख्यमंत्री ने विज्ञान प्रश्नोत्तरी एवं चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में सेंट ल्यूक्स स्कूल सोलन ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जबकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला दूसरे और जेसीबी पब्लिक स्कूल तीसरे स्थान पर रहा।
चित्रकला प्रतियोगिता के वरिष्ठ वर्ग में राजकीय मॉडल कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर की प्रेरणा ने प्रथम, सेंट ल्यूक्स स्कूल सोलन की श्रेया कटोच ने द्वितीय तथा सेंट ल्यूक्स स्कूल सोलन की नव्या सोहनी और इशिता शर्मा संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। कनिष्ठ वर्ग में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला के अभिषेक कुमार ने प्रथम तथा इसकी स्कूल के लव चौहान दूसरे और सेंट ल्यूक्स स्कूल सोलन की धन्वी तीसरे स्थान पर रहीं।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में इस केंद्र को खोलने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केंद्र युवाओं की वैज्ञानिक प्रतिभा को पोषित करने और विज्ञान के प्रति उनकी जिज्ञासा को बढ़ावा देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि विषय को बेहतर ढंग से समझने के लिए किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक एवं अनुभव आधारित शिक्षा भी जरूरी है। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने कहा कि यह कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी के आधुनिक भारत में विज्ञान को बढ़ावा देने के परिकल्पना को साकार करता है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।
इससे पहले, विशेष सचिव राजस्व डीसी राणा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और इस केंद्र की विशेषताओं के बारे में जानकारी प्रदान की। आईसीआईसीआई बैंक के आंचल प्रमुख हमिंदर गुजराल ने आईसीआईसीआई फाउंडेशन के सहयोग से कुल्लू और मंडी जिलों में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए 4 गुरखा वाहनों और 4 बोलेरो कैंपर के साथ ग्रामीण संपर्क सुविधा के लिए 20 फुट ओवर-ब्रिज बनाने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र प्रस्तुत किए।
बैंक ने शिमला जिले के लिए 2 गुरखा वाहन और कांगड़ा जिले के लिए एक शव वाहन भी प्रदान किया। लाहौल-स्पीति के 2 सीमावर्ती गांवों के लिए एक-एक किलोवाट ऑफ-ग्रिड सौर संयंत्र प्रदान किए। जिससे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर शरणागत कंस्ट्रक्शन कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश गुप्ता एवं निदेशक हेमंत पोपली ने मुख्यमंत्री को आपदा राहत कोष के लिए 5 लाख रुपये का चेक भी भेंट किया। अतिरिक्त सचिव पर्यावरण एवं विज्ञान सतपाल धीमान, शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीके खोसला और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।