मगर डायरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। सीएम के गृह क्षेत्र में स्वास्थ्य और आईपीएच विभाग की लापरवाही सामने आने से सीएमओ आफिस भी तलख हो गया है। सीएम जयराम ठाकुर ने भी संबंधित विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई है और जल्द स्थित पर काबू पाने के निर्देश जारी किए हैं।
एसडीएम थुनाग सुरेंद्र मोहन ने कहा कि बीएमओ जंजैहली और अधिशासी अभियंता आईपीएच विभाग थुनाग से 24 घंटे के भीतर डायरिया की रिपोर्ट मांगी गई है।
छतरी और लस्सी गांव में डायरिया से पीड़ित लोगों का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर घर जाकर उपचार कर दिया है और आवश्यक दवाइयां वितरित कर दी है। स्थिति पर जल्द काबू पाया जा रहा है। डॉ. दुनीचंद बीएमओ जंजैहली।
छतरी और लस्सी गांवों में सप्लाई होने वाले पेयजल टैंकों की सफाई कर दी गई है। क्लोरीनेशन कर दी गई है। दो बार पानी के सैंपल ले लिए हैं। जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। रिपोर्ट आते ही बीमारी के कारणों का पता चल पाएगा। राज कुमार सैनी, अधिशासी अभियंता आईपीएच थुनाग