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इन मुद्दों पर मंथन के लिए शिमला में जुटेंगे हिमालयी राज्यों के मुख्यमंत्री

Wed, 03 Oct 2018 05:46 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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शिमला में होने वाले कॉनक्लेव में हिमालयी राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री शिरकत करेंगे। पर्यावरण से कृषि पर बदलाव, जलविद्युत परियोजनाओं और पर्यटन से विकास की संभावनाओं पर मंत्रणा करने के लिए शुक्रवार को राजधानी शिमला में हिमालयी राज्यों के मुख्यमंत्री जुटेंगे।

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राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ में होने वाले इस कॉनक्लेव में हिस्सा लेने के लिए दस हिमालयी राज्यों से संस्तुति आ चुकी है। कई राज्यों से मुख्यमंत्री आ रहे हैं जबकि जहां से सीएम नहीं आ पाएंगे, वहां से मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी आएंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कॉनक्लेव में विशेष रूप से मौजूद होंगे। 

पत्रकारों से बातचीत में प्रधान सचिव पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आरडी धीमान ने बताया कि यह आयोजन हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (हिमकोस्ट) की ओर से एकीकृत माउंटेन पहल (आईएमआई) के तहत किया जाएगा। इसमें शूलिनी विश्वविद्यालय सोलन की भी भागीदारी रहेगी।

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नौ साल पहले हुआ था कॉनक्लेव 

धीमान ने कहा कि अब तक अरुणाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री चोना मी के अलावा नगालैंड के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री सीएम चांग, सिक्किम के कृषि मंत्री सोमनाथ पाउडियाल, त्रिपुरा के कृषि मंत्री प्रणजीत सिंह रॉय, उत्तराखंड के कृषि मंत्री सुबोध यूनियल और मेघालय के पर्यटन मंत्री मेटबाह लिंगदोह भाग लेंगे। अन्य मंत्रियों के भी कॉन्कलेव में हिस्सा लेने की उम्मीद है।

इसमें राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रदेश के विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि भी खास तौर पर मौजूद रहेंगे। इस दौरान हिमकोस्ट की ओर से आईएफएस अधिकारी कु णाल सत्यार्थी ने भी कॉन्कलेव के बारे में बात की।  नौ साल पहले हिमाचल सरकार ने 29 और 30 अक्तूबर 2009 को भारतीय हिमालय : ग्लेशियर, जलवायु परिवर्तन और आजीविका विषय पर हिमालयी राज्यों का कॉनक्लेव हुआ था। 
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