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दिल्ली में हुई निवेशक मीट में सीएम जयराम ने केंद्र से उठाई ये मांगे

Wed, 03 Oct 2018 05:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि हिमाचल में स्थापित तमाम बिजली परियोजनाओं को नवीकरणीय ऊर्जा की श्रेणी में रखा जाए। सीएम जयराम ठाकुर ने यह मांग नई दिल्ली में हुई निवेशक मीट में केंद्र सरकार से उठाई।

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इसमें उन्होंने अवगत करवाया कि अभी तक इस श्रेणी में केवल 25 मेगावाट तक की योजनाएं ही रखी गई हैं। अगर सभी जलविद्युत परियोजनाओं को रखा गया तो इसका बड़ा लाभ होगा। उन्होंने सौर तथा जलविद्युत निवेश के लिए भी निवेशकों का स्वागत किया। 

सीएम जयराम ठाकुर ने बुधवार को ग्रेटर नोएडा में नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की नवीकरणीय ऊर्जा निवेशक मीट में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को हिमाचल में जल विद्युत और सौर ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश का स्वागत किया। 

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बोर्ड 25 मेगावाट तक की एक निश्चित दर पर बिजली खरीदेगा

उन्होंने कहा कि परियोजना आवंटन की अग्रिम प्रीमियम की दर को 20 लाख रुपये से घटा महज एक लाख रुपये प्रति मेगावाट किया गया है। भूमि पट्टे की दर एक रुपये प्रति वर्ग मीटर से भी कम है। पहले लगी परियोजनाओं से प्रारंभिक 12 साल के लिए रॉयल्टी स्थगित हैै।

विद्युत बोर्ड 25 मेगावाट तक की एक निश्चित दर पर बिजली खरीदेगा। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने इंडिया एक्सपो मार्ट में राज्य सरकार के ऊर्जा निदेशालय की ओर से स्थापित हिमाचल पैविलियन का उद्घाटन किया। 

ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, प्रधान सचिव प्रबोध सक्सेना भी इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे।
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200 मेगावाट क्षमता की विभिन्न सौर परियोजनाएं भी प्रस्तावित

- फोटो : Demo Pic.
जयराम ठाकुर ने कहा कि स्पीति क्षेत्र में पहले ही 1000 मेगावॉट सोलर पार्क की पहचान की जा चुकी है। निकट भविष्य में 200 मेगावाट क्षमता की विभिन्न परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि राज्य ने थर्मल पॉवर हाउस की स्थापना पर भी प्रतिबंध लगाया है।

हिमाचल में 27000 मेगावॉट जल विद्युत के दोहन की क्षमता 
जयराम ने कहा कि राज्य में कुल 27000 मेगावाट जल विद्युत के दोहन की क्षमता है, जो समूचे देश का एक-चौथाई है। इसमें से 10547 मेगावॉट का 151 परियोजनाओं के माध्यम से दोहन किया जा चुका है। 
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