सीटू राज्य कमेटी ने हिमाचल प्रदेश के पुलिस कर्मियों की मांगों का पूर्ण समर्थन किया है। राज्य कमेटी के अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा और महासचिव प्रेम गौतम ने प्रदेश सरकार पर पुलिसकर्मियों के शोषण का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वर्ष 2013 के बाद नियुक्त पुलिसकर्मियों को पहले की भांति 5910 रुपये के बजाए 10300 रुपये संशोधित वेतन लागू किया जाए।
उन्होंने कहा कि जेसीसी बैठक में पुलिसकर्मियों की मांगों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है।
24 घंटे ड्यूटी में कार्यरत पुलिसकर्मियों को इस बैठक से मायूसी ही हाथ लगी है। इसी से आक्रोशित होकर पुलिस कर्मी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे। पिछले कुछ दिनों से मैस के खाने के बायकाट से उनकी पीड़ा का अंदाजा लगाया जा सकता है। अंग्रेजों के जमाने के बहुत सारे थानों की स्थिति खंडहर की तरह प्रतीत होती है। पुलिस जवान भारी मानसिक तनाव में रहते हैं। राजधानी शिमला के कुछ थानों के पास अपनी गाड़ी तक नहीं है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि वर्ष 2007 में हिमाचल प्रदेश में बने पुलिस एक्ट के पंद्रह साल बीतने पर भी नियम नहीं बन पाए हैं।