नगर निगम की ओर से लैब में जांच के लिए भेजा गया चिकन का सैंपल फेल हो गया है। जांच के दौरान यह चिकन उपयोग करने योग्य नहीं पाया गया है। इतना ही नहीं नगर निगम ने इसे इलीगल इंपोर्ट का मामला करार देते हुए संबंधित कारोबारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
दुकान में घटिया चिकन बेचने पर अब नगर निगम संबंधित कारोबारी का लाइसेंस कैंसल करने जा रहा है। इतना ही नहीं लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने के आरोप में कारोबारी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाने की तैयारी है।
नियमों कानूनों को दाव पर रख कर शहर के लोगों को घटिया खाद्य पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों की अब खैर नहीं। ऐसा करने वाले कारोबारियों के खिलाफ नगर निगम ने कड़ाई बरतने का फैसला लिया है। फंगस लगा चिकन बेचने के मामले में संबंधित कारोबारी के खिलाफ नगर निगम कड़ी कार्रवाई करने जा रहा है।
नगर निगम के डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर की अगुवाई में निगम की टीम ने मीट मार्र्केट में फंगस लगा चिकन बेचते हुए दुकानदार को पकड़ा था। तुरंत कार्रवाई करते हुए निगम ने 385 किलो मीट फेंकवा दिया गया था। जबकि चिकन का सैंपल जांच के लिए लैब भी भेजा गया था। लैब से आई रिपोर्ट में चिकन खाने योग्य नहीं पाया गया है।
नगर निगम दर्ज करवाएगा एफआईआर : टिकेंद्र
सब्जी मंडी में निरीक्षण के दौरान पकड़े गए चिकन का सैंपल उपभोग योग्य नहीं पाया गया है। यह घटिया खाद्य पदार्थ बेच कर लोगों की सेहत खतरे में डालने का मामला है। नगर निगम इस मामले में एचआईआर दर्ज करवाएगा। शहर के लोगों की सेहत से खिलवाड़ नगर निगम बर्दाश्त नहीं करेगा।- टिकेंद्र पंवर, डिप्टी मेयर, नगर निगम
अपने स्लाटर हाउस का लाइसेंस कैंसल करे एमसी
जिस चिकन का सैंपल फेल हुआ है वह नगर निगम के स्लाटर हाउस का ही था, इसलिए नगर निगम को अपने स्लाटर हाउस का लाइसेंस कैंसल कर उसके खिलाफ ही एफआईआर करनी चाहिए।
यह चिकन 3 जुलाई को एमसी के स्लाटर हाउस से निकला था और डिमांड न होने के कारण बिका नहीं। सैंपल फेल होना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। स्लाटर हाउस के मैनेजमेंट में खामी के कारण चिकन का सैंपल फेल हुआ है।- नवीन गोयल, सब लीज धारक