सैलानियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही के लिए शहर में लगी दो लिफ्टों का बोझ कम करने के लिए पर्यटन निगम एक और लिफ्ट लगाने जा रहा है। पुरानी लिफ्ट के साथ ही नई लिफ्ट का काम शुरू किया जाएगा। हालांकि, इस लिफ्ट की क्षमता पुरानी लिफ्टों से ज्यादा रहेगी। इसमें एक साथ बीस लोग आवाजाही कर सकेंगे।
पर्यटन निगम इसके लिए पांच करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है। निगम ने लिफ्ट स्थापित करने के लिए नक्शा तैयार कर लिया है और इसे मंजूरी के लिए नगर निगम को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही लिफ्ट का काम शुरू कर दिया जाएगा। नई लिफ्ट लगने से पुरानी दोनों लिफ्टों पर बोझ कम होगा।
टूरिस्ट सीजन में लिफ्ट के पास पांव रखने को जगह नहीं मिलती है। नई लिफ्ट लगने से यहां लोगों को लंबी कतारों में खड़े रहने से भी निजात मिलेगी। पुरानी दो लिफ्टों की क्षमता आठ-आठ लोगों की है। कार्ट रोड से मालरोड तक यह लिफ्ट बनाई जाएगी। विभाग का कहना है कि लिफ्ट का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। जमीन का अधिग्रहण कर दिया गया है।
नक्शा मंजूरी मिलते ही शुरू होगा काम
पर्यटन निगम की ओर से लिफ्ट का नक्शा एमसी को मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही लिफ्ट का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। एक साल में लिफ्ट का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। लिफ्ट बनाने के लिए लगभग सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। - विजय शर्मा, महाप्रबंधक एचपीटीडीसी
पर्यटकों को लंबी लाइनों से मिलेगा छुटकारा
शहर में बढ़ रहे पर्यटक सीजन के बढ़ने से खासकर छुट्टी के दिन घूमने आए सैलानियों की तादात बढ़ जाती है। इसके चलते कार्ट रोड तक लंबी कतारें लगी रहती हैं। नई लिफ्ट के बनने से लोगों को राहत मिलेगी।
लिफ्ट का पास बनाओ और 40 फीसदी छूट पाओ
एचपीटीडीसी की लिफ्ट के मैनेजर दिलीप ठाकुर ने बताया कि रोजाना लिफ्ट में यात्रा करने वाले स्थानीय लोग पास बना सकते हैं। लोगों से सामान्य फीस से 40 फीसदी किराया वसूला जाता है। पर्यटकों से 10 रुपये प्रति सवारी किराया वसूला जाता है, वहीं
जिनके पास बने हैं उन लोगों से 6 रुपये प्रति पास किराया लिया जाता है। उन्होंने बताया कि लोग साल भर में किसी भी समय पास बना सकते हैं। इस बारे में इच्छुक व्यक्ति टिकट काउंटर से जानकारी ले सकता है।
पास बनाने के लिए यह औपचारिकताएं
दो पासपोर्ट साइज फोटो
स्थायी पता प्रमाण
आने जाने का समय