चेतन बरागटा ने बताया कि ईयू और न्यूजीलैंड से सेब आयात कोटा प्रणाली के तहत सीमित मात्रा में होता है। कई वर्षों में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। मौसमी समय सीमा और सेफगार्ड प्रावधान पूरी तरह लागू रहेंगे। उन्होंने ने यह भी स्पष्ट किया कि विदेशी सेब प्रीमियम उपभोक्ताओं के लिए होते हैं और हिमाचली सेब से सीधी प्रतिस्पर्धा नहीं करते। चेतन बरागटा ने कहा कि आयात शुल्क में कोई भी बदलाव बागवानों की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना नहीं किया गया है। एमआईपी, कोटा और सेफगार्ड जैसे मजबूत प्रावधान पूरी तरह प्रभावी हैं।
उन्होंने यह भी दोहराया कि पिछले तीन वर्षों से भाजपा सेब के मुद्दे पर तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर कांग्रेस को घेरती रही है और आगे भी हिमाचल के सेब बागवानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। चेतन बरागटा ने सेब बागवानों से अपील की कि अफवाहों और भ्रामक प्रचार से सावधान रहें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की नीतियों पर भरोसा रखें, जो पूरी तरह सेब उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दौरान कोटखाई नावर मंडल अध्यक्ष सुंदर डोगरा, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता राकेश डोगरा, प्रदेश उपाध्यक्ष किसान मोर्चा गोपाल जबैईक, जिला सचिव अशोक जस्टा सहित पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष किसान मोर्चा यशवीर जस्टा भी मौजूद रहे।