सवाल यह भी है कि अगर उसकी आय 12 लाख रुपये भी है तो वह एक साथ 275 बीघा जमीन कैसे खरीद सकता है। वहीं, उसने आठ करोड़ रुपये का लोन भी बैंक से लिया, उसका भी तय समय से पहले ही भुगतान कर दिया गया। इन आंकड़ों के आधार पर संदेह जताया जा रहा है कि इतनी सीमित आय वाले व्यक्ति द्वारा इतनी बड़ी मात्रा में जमीन खरीदना आर्थिक रूप से संभव नहीं लगता। यहां पर भी चेस्टर हिल के नए फ्लैट बनाए जाने थे। हालांकि, अब उपायुक्त ने इसका भी रिकॉर्ड तलब किया है। इन सभी जगहों पर कितनी जमीन खरीदी गई और कितने पैसे दिए गए, इसका रिकॉर्ड भी संबंधित क्षेत्र के तहसीलदारों से मांगा गया है। रिकॉर्ड आने पर इसमें कई अन्य खुलासे भी हो सकते हैं।
चेस्टर हिल प्रोजेक्ट की कसौली व परवाणू क्षेत्र में खरीदी गई सभी जमीन का रिकॉर्ड तलब किया गया है। यह जमीन कितने में खरीदी गई और इनकी मार्केट वैल्यू क्या है, इसकी पूरी जांच की जा रही है। अगर इसमें कोताही पाई जाती है तो नियमों के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -मनमोहन शर्मा, उपायुक्त सोलन