कई किसानों ने खुद प्रशिक्षण लिया और खुद इस विधि को अन्य किसानों को भी हस्तांतरित किया। इसके बाद प्राकृतिक खेती पर 28 जून से तीन जुलाई तक सोलन में शिविर होगा।
पद्मश्री सुभाष पालेकर ने कहा कि रासायनिक और जैविक खेती से लोगों को जहर खिलाया जा रहा है, लेकिन अब देव भूमि को प्राकृतिक खेती में बदलना होगा। रासायनिक खादों से लोगों को कैंसर, मधुमेह समेत कई घातक बीमारियों जन्म ले रही हैं।
प्राकृतिक खेती ही एक मात्र विकल्प है, जिससे रोगों से बचा जा सकता है। इस मौके पर कृषि अधिकारी डॉ एनके भधान, डॉ राजेश्वर चंदेल, डॉ अरुण व्यास, डॉ अतुल डोगरा, डॉ डीके अवस्थी, डॉ कुलदीप धीमान आदि मौजूद रहे।