खाद्य आपूर्ति विभाग ने जिले में 19 जगह किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने जिला भर में होटल और ढाबों का निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। विभाग की टीम ने शहर समेत विभिन्न क्षेत्रों में रसोई घरों की जांच करते हुए घरेलू गैस सिलिंडर के उपयोग पर नजर रखी। विभाग का कहना है कि कुछ स्थानों से अब भी शिकायतें मिल रही हैं, इसके चलते निरीक्षण अभियान चलाया गया है।
जिला में सैकड़ों होटल और ढाबे संचालित हो रहे हैं। शहर के भीतर जिन संचालकों ने कर्मिशयल गैस सिलिंडर के कनेक्शन ले रखे हैं, वे नियमों के अनुसार कर्मिशयल सिलिंडर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से खाद्य सामग्री बना रहे हैं। ऐसे संचालकों की भी पहचान की जा रही है जो कर्मिशयल गतिविधियां करने के बावजूद घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग कर रहे हैं और कनेक्शन नहीं लिया है।
विभाग की टीमों ने लोअर बाजार, बस स्टैंड और शोघी क्षेत्र में अलग-अलग समूह बनाकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसी भी स्थान पर बड़ी अनियमितता सामने नहीं आई। जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नरेंद्र धीमान ने बताया कि पूरे जिला में करीब 19 निरीक्षण किए हैं। अधिकांश जगह कर्मिशयल सिलिंडर का ही उपयोग पाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महंगाई का असर, 75 रुपये का हुआ बर्गर
शिमला में बढ़ती महंगाई का असर अब खाने-पीने की चीजों पर भी दिखने लगा है। पहले 55 रुपये में मिलने वाला बर्गर अब 75 रुपये तक पहुंच गया है। इसी तरह रसगुल्ले की कीमत भी बढ़कर 55 रुपये प्रति पीस हो गई है। इससे आम लोगों के लिए बाहर खाना महंगा होता जा रहा है। गों का कहना है कि गैस सिलिंडर की कमी और अन्य खर्चों का हवाला देकर रेस्तरां संचालक मनमाने दाम बढ़ा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि विभाग होटल और ढाबों के साथ-साथ बड़े रेस्तरां का भी नियमित निरीक्षण करे, ताकि खाद्य पदार्थों की कीमतों पर नियंत्रण रखा जा सके।