हिमाचल प्रदेश की सहकारी सभाओं के डिपुओं में सस्ती जेनेरिक दवाइयां मिलेंगी। दवाइयों के साथ ही सस्ते ऑपरेशन के उपकरण भी उपलब्ध रहेंगे। प्रदेश में 65 सहकारी सभाओं ने जेनेरिक औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन किया है। इस कड़ी में प्रदेश की तीन सहकारी सभाओं को ड्रग लाइंसेस सरकार ने जारी किए हैं। बजट सत्र में सरकार ने सहकारी सभाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती जेनेरिक दवाइयां बेचने के लिए घोषणा की थी। 2,029 सहकारी सभाओं से आवेदन पत्र मांगे गए थे। प्रथम चरण में 65 सहकारी सभाओं ने इसमें रूचि दिखाई।
सभाओं के आवेदन प्राप्त होने के बाद 21 सभाओं को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदेश सरकार की तरफ से दी गई है। इनमें से पांच सहकारी सभाओं ने ड्रग लाइसेंस के लिए अभी तक आवेदन किया है। दो सहकारी सभाओं के आवेदन में कमियां पाई गई हैं। इन कमियों को दूर करने का विभाग की तरफ से समय दिया गया है। जबकि तीन सहकारी सभाओं को ड्रग लाइसेंस भी जारी कर दिया गया है। प्रदेश सरकार की ओर से ड्रग लाइसेंस मिलने के बाद जन औषधि योजना में केंद्र सरकार से मंजूरी मिलते ही इन तीन सहकारी सभाओं में जेनेरिक दवाइयां मिलना जल्द शुरू हो जाएंगी। संवाद
हमीरपुर में एक, सोलन में दो को मंजूरी
हमीरपुर में कुठेड़ा सहकारी सभा और सोलन में कंडा और चामिया सहकारी सभा को ड्रग लाइसेंस जारी किया जा चुका है। दरअसल सहकारी सभा को जेनेरिक दवा का बिक्री केंद्र खोलने के लिए फार्मासिस्ट का लाइसेंस होना जरूरी है। सहकारी सभाएं इसके लिए अपने स्तर पर फार्मासिस्ट की भर्ती भी कर सकती है। डेढ़ किमी की दूरी के दायरे में महज एक जेनेरिक औषधि केंद्र खोलने की शर्त भी विभाग ने लागू की है।
ऐसे होगी खरीद
जेनेरिक दवाओं के इन विक्रय केंद्रों का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सस्ती दवाइयां और ऑपरेशन के उपकरण उपलब्ध करवाना है। यहां से दवाइयां खरीदने के लिए अस्पताल की पर्ची या पर्ची के बिना भी जरूरत की दवाइयां लोग खरीद सकेंगे।
सहकारिता विभाग के उत्तरी क्षेत्र के उप पंजीयक प्रत्युष चौहान का कहना है कि तीन सभाओं को ड्रग लाइसेंस जारी किए जा चुके है। केंद्र को तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इन तीन सभाओं में जेनेरिक औषधि केंद्र खोलने की मंजूरी का प्रस्ताव भेजा गया है। अन्य सहकारी सभाओं में जन औषधि केंद्र खोलने की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।