एचएएस की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अहम खबर है। अब परीक्षा में जीके (सामान्य ज्ञान) का भी पैटर्न बदलेगा। 33 फीसदी प्रश्न हिमाचल के सामान्य ज्ञान के पूछे जाएंगे। अगले साल से एचएएस की परीक्षा यूपीएससी की तर्ज पर होगी। मंगलवार को प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष केएस तोमर ने इसकी जानकारी वार्षिक रिपोर्ट में राज्यपाल आचार्य देवव्रत को दी।
राज्यपाल से उन्होंने शिमला के राजभवन में मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल को वर्ष 2013-14 की वार्षिक रिपोर्ट की प्रति भेंट की। इस दौरान तोमर ने बताया कि आयोग ने हिमाचल प्रशासनिक सेवा परीक्षा की परिपाटी को आईएसएस परीक्षा की तर्ज पर करने का निर्णय लिया है।
सामान्य ज्ञान के होंगे दो पेपर
वर्तमान में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में एक ही वैकल्पिक विषय है और 2016 बैच से यही परिपाटी एचएएस और संबद्ध सेवाओं की मुख्य परीक्षाओं में लागू की जाएगी। आयोग ने हिमाचल प्रशासनिक सेवा और संबद्ध सेवाओं की मुख्य परीक्षा में 300 अंकों के एक वैकल्पिक विषय को समाप्त करने का फैसला लिया है।
अब इसके स्थान पर सामान्य ज्ञान के 150-150 अंकों के दो पेपर शामिल करने का निर्णय लिया है, जिससे सभी अभ्यर्थियों को योग्यता प्रदर्शन के समान अवसर उपलब्ध हो सके। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सामान्य अध्ययन के पेपर में 33 प्रतिशत प्रश्न हिमाचल से संबंधित सामान्य ज्ञान के पूछे जाएंगे।
80 प्रतिशत से अधिक उम्मीदवारों ने हिंदी को दी प्राथमिकता
तोमर ने राज्यपाल को अवगत करवाया कि उम्मीदवारों के लिए हिंदी अथवा अंग्रेजी में से किसी भी भाषा में साक्षात्कार देने की नई व्यवस्था को लागू किया गया है। यह व्यवस्था विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के उम्मीदवारों के लिए मददगार साबित हुई है, जिन्हें अंग्रेजी में वार्तालाप में कठिनाई आती थी।
उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत से अधिक उम्मीदवारों ने हिंदी भाषा को प्राथमिकता दी और साक्षात्कार में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के उम्मीदवारों को अभिव्यक्ति का बराबर अवसर मिला है।
केएस तोमर ने कहा कि हिमाचल लोक सेवा आयोग के सदस्य जेसी शर्मा की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है, जो नए पाठ्यक्रम की रूपरेखा निर्धारित करने के लिए शिक्षाविदों एवं विषय विशेषज्ञों से बातचीत करेगी। नए पाठ्यक्रम के संबंध में सुझाव प्राप्त करने के लिए इसे आयोग की वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाएगा।