राजकीय प्राथमिक पाठशाला छुद्रा में पढ़ाई करने के लिए गुरुवार को एक भी विद्यार्थी नहीं पहुंचा। प्रतिनियुक्ति पर पहुंचे अध्यापक ने विद्यार्थियों के बिना ही स्कूल का अन्य काम निपटाते हुए समय बिताया। विद्यालय में तैनात अन्य महिला कर्मी भी खाली ही बैठी रहीं। बच्चों के स्कूल न आने का कारण स्थायी अध्यापक की तैनाती न होना है। बता दें कि बुधवार को स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक में स्थायी अध्यापक की नियुक्ति का मुद्दा जोरशोर से उठाया था।
बैठक में मौजूद अभिभावकों ने विद्यालय में स्थायी अध्यापक की तैनाती न होने तक बच्चों को स्कूल न भेजने का निर्णय लिया था। अभिभावक विद्यालय में स्थायी अध्यापक की तैनाती को लेकर अड़ गए हैं। छुद्रा विद्यालय में वर्तमान में 22 विद्यार्थी शिक्षा अर्जित करने के लिए पहुंचते हैं। स्कूल में स्थायी अध्यापक का डेढ़ वर्ष से रिक्त पद भरने के बजाय शिक्षा विभाग जुगाड़ के सहारे ही व्यवस्था चला रहा है।
विद्यालय में प्रतिनियुक्ति पर ही अध्यापक को बच्चों को पढ़ाने के लिए भेजा जा रहा है। अभिभावकों की मानें तो कई बार शिक्षा विभाग को स्थायी अध्यापक की तैनाती करने की मांग की जा चुकी है। एसएमसी अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर, ठाकरी मट्टी पंचायत प्रधान अरुण कुमार, उपप्रधान प्रवीण कुमार अभिभावकों अजीत कुमार, अजय शर्मा, मीनाक्षी शर्मा, अंजु शर्मा, अनु कुमारी, अंजु देवी, कविता देवी, सोनू कुमार, डिंपल देवी, सुषमा देवी सहित स्थानीय समाजसेवी महेंद्र शर्मा और साहिल शर्मा ने बताया कि विद्यालय में स्थायी अध्यापक न होने से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जब तक विद्यालय में स्थायी अध्यापक की तैनाती नहीं होती है तब तक वे अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेजेंगे। इस बीच, कार्यवाहक प्रारंभिक उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क ने बताया कि विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए प्रतिनियुक्ति पर अध्यापक तैनात किया गया है। बताया कि सरकार और शिक्षा विभाग के आदेशानुसार ही स्थायी अध्यापक की तैनाती हो सकती है।