कांग्रेस विधायक आशा कुमारी से विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने पूछा कि चंबा मेडिकल कॉलेज में पौने दो सौ पद खाली हैं। यह कॉलेज कैसे काम करेगा। चिकित्सकों, पैरा मेडिकल स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की कमी है।
कैसे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। एक कॉलेज का स्टाफ दूसरे में दिखाया जाता है, ऐसा कब तक चलेगा, इन पदों को कब तक भरा जाएगा? पवन नैयर ने पूरक प्रश्न पूछा, क्या चंबा कॉलेज से डेपुटेशन पर गए चिकित्सकों का डेपुटेशन रद्द करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने साल 2016 में स्वीकृति दी थी।
इसके बाद औपचारिकताएं पूरी की गईं। एमसीआई की टीमों ने तीन बार निरीक्षण किया। मेडिकल कॉलेज निर्धारित मापदंडों को पूरा कर रहा है। कॉलेज का 90 फीसदी केंद्र और 10 फीसदी खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। कहा कि डॉक्टरों की डेपुटेशन को रद्द किया जाएगा।