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हिमाचल विस सत्र: सदन में फिर गरमाया चंबा मेडिकल कॉलेज मुद्दा

Fri, 08 Feb 2019 06:07 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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चंबा मेडिकल कॉलेज में लचर व्यवस्था का सदन में शुक्रवार को मुद्दा फिर गरमाया। विपक्ष ने कहा कि जिस मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा विशेषज्ञों सहित पौने दो सौ पद खाली हैं, वहां की क्या स्थिति होगी।

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स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने कहा कि सरकार चंबा मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों सहित अन्य पद राज्य लोकसेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से भर रही है। प्रोफेसरों, सहायक प्रोफेसरों के 55 और अन्य स्टाफ के पद शीघ्र भरने की प्रक्रिया जारी है।

मेडिकल कॉलेज के लिए चंबा के पास 101 बीघा जमीन चिह्नित की गई है। ढाई सौ बिस्तरों का अस्पताल बनेगा। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम समय-समय पर मेडिकल कॉलेजों का निरीक्षण करती है। 

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मुकेश अग्निहोत्री ने ये सवाल पूछा

कांग्रेस विधायक आशा कुमारी से विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने पूछा कि चंबा मेडिकल कॉलेज में पौने दो सौ पद खाली हैं। यह कॉलेज कैसे काम करेगा। चिकित्सकों, पैरा मेडिकल स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की कमी है।

कैसे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। एक कॉलेज का स्टाफ दूसरे में दिखाया जाता है, ऐसा कब तक चलेगा, इन पदों को कब तक भरा जाएगा? पवन नैयर ने पूरक प्रश्न पूछा, क्या चंबा कॉलेज से डेपुटेशन पर गए चिकित्सकों का डेपुटेशन रद्द करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने साल 2016 में स्वीकृति दी थी।

इसके बाद औपचारिकताएं पूरी की गईं। एमसीआई की टीमों ने तीन बार निरीक्षण किया। मेडिकल कॉलेज निर्धारित मापदंडों को पूरा कर रहा है। कॉलेज का 90 फीसदी केंद्र और 10 फीसदी खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। कहा कि डॉक्टरों की डेपुटेशन को रद्द किया जाएगा। 
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