हिमाचल-पंजाब राज्य को सड़क मार्ग से जोड़ने वाले चक्की पुल पर सोमवार से छोटे वाहनों के लिए ट्रैफिक खोला जा सकता है। एनएचएआई और सेना की टीम पुल की सुरक्षा में दिन-रात जुटी है। एनएचएआई ने बाकायदा इस बारे विशेषज्ञों की राय ली है। बरसात न हुई और सब कुछ सामान्य रहा तो सोमवार तक पुल यातायात के लिए खुल सकता है। चक्की सड़क पुल के बचाव को लेकर एनएचएआई द्वारा चलाया गया अभियान 17 दिन से जारी है। इस दौरान एनएचएआई भारी मशीनरी के साथ प्रभावित पिलर पी-1 व पी-2 को सुरक्षित करने में जुटी है। इस दौरान पिलरों के आसपास क्रेट वर्क किया जा रहा है। विभागीय जानकारी के मुताबिक चक्की खड्ड का जलस्तर बढ़ने से चक्की पुल के 2 पिलर लगभग सात मीटर तक बाहर आ गए थे। पिछले शनिवार रात व रविवार सुबह चक्की खड्ड का जलस्तर बढ़ने से क्रेट बह गए थे। एनएचएआई ने लगभग 6 मीटर या इससे थोड़ा ज्यादा की ऊंचाई तक कवर कर इसे सुरक्षित करना है, जिसे शनिवार तक पूरा नहीं किया जा सका। उधर, बारिश का अलर्ट भी है, जिस कारण इस पुल को नहीं खोला जा रहा। फिलहाल, चक्की पुल न खुलने से लोग भी परेशान हैं।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर कर्नल अनिल सेन से बताया कि क्षतिग्रस्त हुए दोनों पिलरों के आसपास कुल सात मीटर तक क्रेट वाल बनाई जानी है। शनिवार तक करीब साढ़े पांच मीटर तक क्रेट वाल बनाई जा चुकी है। शेष काम रविवार तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि, पहले वीरवार को हलके वाहन के लिए पुल खोलने की योजना थी लेकिन, दो दिन पहले भी पानी का बहाव तेज होने के कारण काम में रुकावट आई थी। अब स्थिति नार्मल हो रही है। कहा कि, रविवार तक काम पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद सोमवार को हलके वाहनों के लिए पुल पर आवागमन शुरू हो जाएगा। स्थिति ठीक रही तो वीरवार अथवा शुक्रवार को बड़े वाहनों को भी शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन, पुल पर आवाजाही केवल दिन के समय ही चलाई जाएगी। बरसात के बाद पुल का स्थायी तौर पर समाधान करवाकर वाहनों को नियमित रूप से चलाया जाएगा।