रायपुर सहोड़ा निवासी सुमित कुमार 24 सितंबर को रायपुर से बंगाणा मामा के घर से निकला था। वह करीब छह बजे बंगाणा से वापस घर के लिए रवाना हुआ। लेकिन घर नहीं पहुंचा। सुमित के छोटे भाई निखिल से उसकी 7 बजे बात हुई जिसमें सुमित ने बताया कि वह भारी बारिश के चलते दोस्त के पास ऊना में ही रुकेगा।
लिहाजा वह सुबह घर पहुंचेगा। 25 सितंबर सुबह जब वह घर पर नहीं पहुंचा तो घरवालों ने उसकी तलाश शुरू की। फोन पर बात की तो फोन किसी महिला ने उठाया। उसने कहा कि वह कोटला कलां से बोल रही है। जब घरवाले उस महिला के पास पहुंचे तो उसने कहा कि यह फोन उसे यहां गिरा मिला।
इससे कुछ दूरी पर सुमित का मोटरसाइकिल और चप्पलें भी मिलीं। घरवालों ने इस बारे में पुलिस को सूचित किया। इस बारे में बंगाणा और कोटला कलां में पुलिस ने पूछताछ की लेकिन सुमित का कोई सुराग नहीं लगा। 12 अक्तूबर की शाम को सुमित का शव कोटलां गांव स्थित जंगल में पेड़ से लटका मिला।