उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयनादेवी में शनिवार से चैत्र नवरात्र मेले शुरू हो रहे हैं। हिमाचल के अलावा देश-विदेश से मां नयनादेवी के दर्शन के लिए नौ दिनों तक मंदिर में भारी भीड़ उमडे़गी। हर रोज हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस वर्ष पुलिस ने पुख्ता प्रबंध किए हैं।
मेटल डिटेक्टर, बम निरोधक दस्ता, डाग स्क्वायड की व्यवस्था की गई है। पुलिस ने इस साल पिछले सालों की तुलना में इस बार सुरक्षा में दो गुना इजाफा किया है। इस बार पुलिस की दो रिजर्व बटालियन की जगह चार बटालियन तैनात की गई हैं।
नयनादेवी मंदिर में शनिवार से शुरू हो रहे नवरात्र के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एसडीएम एवं मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष डा. एमएल मेहता शनिवार सुबह झंडा चढ़ाने की रस्म के साथ मेले का शुभारंभ करेंगे। मंदिर क्षेत्र को नौ सेक्टर में बांट कर हर सेक्टर में एक मेला सेक्टर अधिकारी की नियुक्ति की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अलग से कैंप लगेंगे। स्वाइन फ्लू के खतरे को देखते हुए जगह-जगह पोस्टर लगाए जा रहे हैं जबकि लंगर लगाने वालों को मास्क पहनकर खाना पकाना होगा। सुरक्षा को लेकर खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट हैं। एसपी बिलासपुर अशोक कुमार ने बताया कि इस बार चार रिजर्व बटालियन लगाई गई हैं। होमगार्ड जवानों की संख्या में भी इजाफा किया है।
मेले के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया है। रात दो बजे मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। कई सराय और गेस्ट हाउस बुक हो गए हैं। रात दो बजे से ही मंदिर में लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो जाएगी। प्रशासन ने भीड़ कम करने के मकसद से खास व्यवस्था की है। मंदिर पहुंचने से पहले ही श्रद्धालुओं को रोका जाएगा। यहां से 200-200 के जत्थे मंदिर में मां के दर्शन के लिए भेजे जाएंगे।
हलवा-नारियल चढ़ाने पर प्रतिबंध- चैत्र नवरात्र के दौरान नयनादेवी मंदिर में हलवा और नारियल का प्रशाद चढ़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। बस स्टैंड से आगे कोई गाडि़यां नहीं जा सकेंगी। कुछ टैक्सियां भी आगे जाएंगी। जिसका किराया भी जिला प्रशासन ने तय कर दिया है।
एसडीएम एमएल मेहता ने बताया कि नवरात्र मेला को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था के अलावा पेयजल, स्वास्थ्य और सफाई व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।