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कोरोना: सीएम जयराम बोले- केंद्र ने हिमाचल का ऑक्सीजन कोटा बढ़ाकर 40 मीट्रिक टन किया

Tue, 25 May 2021 04:43 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

मुख्यमंत्री ने राज्य में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा के लिए मंगलवार को आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उचित और समय पर उपाय करने के निर्देश दिए। 
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सीएम ने बैठक में कोविड की स्थिति की समीक्षा की। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य का ऑक्सीजन कोटा भी बढ़ाकर 40 मीट्रिक टन कर दिया है। राज्य सरकार ने ऑक्सीजन की भंडारण क्षमता में 25 मीट्रिक टन की वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि राज्य में केवल 2500 डी-टाइप सिलिंडर हैं जो अब बढ़कर 6500 हो गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में ब्लैक फंगस के पांच मामले सामने आए हैं, जिनमें से चार का ऑपरेशन किया जा चुका है। उन्होंने दवाओं, ऑक्सीजन सांद्रक, ऑक्सीजन सिलिंडर और अन्य जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की। 

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मुख्यमंत्री ने राज्य में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा के लिए मंगलवार को आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उचित और समय पर उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना कर्फ्यू के ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं क्योंकि कोरोना के मामलों की संख्या घट रही है, लेकिन कोरोना से मौतें अभी भी चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से होने वाली मौतों को कम करने के लिए प्रभावी रणनीति बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को पर्याप्त मात्रा में मास्क, सैनिटाइजर और ग्लव्स उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे अपने कर्तव्यों का निर्भय होकर बेहतर तरीके से निर्वहन कर सकें।

उन्होंने कहा कि बॉडी बैग और वेस्ट बैग के अलावा पीएचसी स्तर पर पर्याप्त संख्या में पीपीई किट उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि प्रोटोकॉल के अनुसार कोविड-19 मृतक का अंतिम संस्कार किया जा सके। जयराम ठाकुर ने कहा कि गंभीर मरीजों को होम आइसोलेशन से अस्पतालों में शिफ्ट करने पर विशेष जोर दिया जाए ताकि उनका समय पर इलाज हो सके। उन्होंने कहा कि विभिन्न अस्पतालों में भर्ती होने के 24 घंटे के भीतर करीब 38 फीसदी मौतें हुई हैं। इसी तरह होम आइसोलेशन में 7.7 फीसदी मौतें और 4.1 फीसदी मरीज मृत लाए गए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखनी चाहिए ताकि मरीजों की स्थिति बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में शिफ्ट किया जा सके।
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जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने कहा कि अब तक प्रदेश की जनता को लगभग 22.88 लाख वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि 18स से 44 वर्ष आयु वर्ग के टीकाकरण के लिए हालांकि भारत सरकार ने भी ऑनसाइट पंजीकरण और अपाइंटमेंट की सिफारिश की है, लेकिन स्थानीय संदर्भ के आधार पर ऑनसाइट पंजीकरण खोलने का निर्णय राज्य सरकार पर छोड़ दिया है। टीकाकरण स्थलों पर भीड़भाड़ से बचने के लिए उन्होंने पंजीकरण कराने का आग्रह किया मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी आईएलआई लक्षण वाले कोविड-19 रोगियों का पता लगाने के अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी तंत्र भी विकसित किया जाना चाहिए।
 

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कोरोना वायरस की तीसरी लहर से निपटने के लिए समय पर तैयारी की जाए

उन्होंने कहा कि इससे न केवल कोविड रोगियों का समय पर पता लगाने में मदद मिलेगी बल्कि इस वायरस को और फैलने से भी रोका जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने में पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों के विधायक एवं अन्य निर्वाचित प्रतिनिधि महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कोविड रोगियों को होम आइसोलेशन किट के समयबद्ध वितरण पर भी जोर दिया। कहा कि होम आइसोलेशन किट के उचित वितरण के लिए उपायुक्त और मुख्य चिकित्सा अधिकारी अपने-अपने जिलों के विधायकों के साथ उचित समन्वय बनाए रखें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस की तीसरी लहर से निपटने के लिए समय पर तैयारी सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए ताकि राज्य किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अच्छी तरह से तैयार हो। निर्माणाधीन अस्थायी अस्पतालों को समय पर पूरा किया जाना चाहिए और इन्हें सभी आवश्यक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया जाना चाहिए।

सचिव स्वास्थ्य अमिताभ अवस्थी ने इस अवसर पर कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए विभाग द्वारा उठाए जा रहे कदमों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल, मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव जेसी शर्मा, निदेशक शहरी विकास आबिद हुसैन सादिक, मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. निपुण जिंदल, विशेष सचिव अरिंदम चौधरी, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. बीबी कटोच, प्रधान आईजीएमसी डॉ. बैठक में रजनीश पठानिया समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए। 
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