उन्होंने कहा कि इससे न केवल कोविड रोगियों का समय पर पता लगाने में मदद मिलेगी बल्कि इस वायरस को और फैलने से भी रोका जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने में पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों के विधायक एवं अन्य निर्वाचित प्रतिनिधि महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कोविड रोगियों को होम आइसोलेशन किट के समयबद्ध वितरण पर भी जोर दिया। कहा कि होम आइसोलेशन किट के उचित वितरण के लिए उपायुक्त और मुख्य चिकित्सा अधिकारी अपने-अपने जिलों के विधायकों के साथ उचित समन्वय बनाए रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस की तीसरी लहर से निपटने के लिए समय पर तैयारी सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए ताकि राज्य किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अच्छी तरह से तैयार हो। निर्माणाधीन अस्थायी अस्पतालों को समय पर पूरा किया जाना चाहिए और इन्हें सभी आवश्यक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया जाना चाहिए।
सचिव स्वास्थ्य अमिताभ अवस्थी ने इस अवसर पर कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए विभाग द्वारा उठाए जा रहे कदमों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल, मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव जेसी शर्मा, निदेशक शहरी विकास आबिद हुसैन सादिक, मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. निपुण जिंदल, विशेष सचिव अरिंदम चौधरी, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. बीबी कटोच, प्रधान आईजीएमसी डॉ. बैठक में रजनीश पठानिया समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए।