मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जिला कांगड़ा के बनखंडी में बड़े चिड़ियाघर की स्थापना प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की पूर्व स्वीकृति से सरकार की इस परियोजना को मूर्तरूप प्रदान करने में बल मिलेगा।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के बनखंडी में प्रदेश का सबसे बड़ा चिड़ियाघर स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने इसे लेकर प्रारंभिक स्वीकृति दे दी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा कि इस चिड़ियाघर में प्रदेश और अन्य क्षेत्रों के मूल वन्य जीवों को रखा जाएगा। इससे प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। सीएम ने कहा कि कांगड़ा को पर्यटन जिला बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम होगा।
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यह चिड़ियाघर 250 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने 60 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है। राज्य सरकार के वन विभाग ने बनखंडी में 192 हेक्टेयर जमीन का चयन भी कर लिया है। कांगड़ा, चिंतपूूर्णी, ज्वालामुखी सहित पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज आने वाले पर्यटकों के लिए यह चिड़ियाघर आकर्षण का केंद्र होगा। सीएम सुक्खू ने कहा कि बड़ा चिड़ियाघर स्थापित होने से हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार ने कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में स्थापित करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि यह चिड़ियाघर पर्यटकों के लिए वन्य जीवों से जुड़ने, उनके प्राकृतिक व्यवहार और पारिस्थितिक महत्त्व की समझ विकसित करने के केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यह चिड़ियाघर वन्य जीव संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा को लेकर भी लोगों को जागरूक करेगा। प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन बल प्रमुख) राजीव कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने जून में 108वीं तकनीकी समिति की बैठक के दौरान गहन चर्चा करने के बाद इस प्रारंभिक स्वीकृति दे दी है।