नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल की मजबूती के लिए केंद्र सरकार ने केवाईसी अनिवार्य कर दिया है। निजी और सरकारी हर शिक्षण संस्थान के नोडल अधिकारी को नेशनल पोर्टल पर अपडेट करवाना होगा। प्रदेश में 250 करोड़ का छात्रवृत्ति घोटाला सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने छात्रवृत्ति जारी करने को लेकर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।
आधार कार्ड नंबर और आधार से जुड़ा मोबाइल फोन नंबर नहीं देने वाले शिक्षण संस्थानों की छात्रवृत्ति बंद हो जाएगी। नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल की मजबूती के लिए केंद्र सरकार ने केवाईसी अनिवार्य कर दिया है। निजी और सरकारी हर शिक्षण संस्थान के नोडल अधिकारी को नेशनल पोर्टल पर अपडेट करवाना होगा। प्रदेश में 250 करोड़ का छात्रवृत्ति घोटाला सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने छात्रवृत्ति जारी करने को लेकर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।
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केंद्र से आए पत्र के बाद प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय ने जिला उपनिदेशकों सहित स्कूल-कॉलेज और विश्वविद्यालयों के अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए केवाईसी अनिवार्य करने को कहा है। निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई संस्थान नोडल अधिकारी का आधार नंबर और आधार से जुड़ा मोबाइल फोन नंबर नेशनल पोर्टल पर अपडेट नहीं करता है तो ऐसे संस्थानों को छात्रवृत्ति बंद हो जाएगी। इसके लिए संबंधित संस्थान जिम्मेदार होगा।
निदेशक ने बताया कि नोडल अधिकारी के माध्यम से ही छात्रवृत्ति आवेदन स्वीकृत किए जाते हैं। उधर, निदेशालय ने पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए शपथपत्र की शर्त लगा दी है। छात्रवृत्ति आवेदनों के साथ अब शपथपत्र भी देना होगा। निजी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के कुल सचिव, प्रबंध निदेशक, प्रधानाचार्य या प्रशासनिक अधिकारी को शपथपत्र देना होगा। शपथपत्र में बताना होगा कि सभी आवेदनों की जांच सही तरीके से की गई है। किसी भी फर्जी दाखिले का आवेदन नहीं हुआ है। आवेदक सभी शर्तों को पूरा करता है। यह शपथपत्र प्राप्त होने के बाद ही शिक्षा निदेशालय संस्थानों को राशि जारी करेगा।